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विधानसभा: स्कूलों के लिए त्रिभाषा नीति पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट तैयार, निजी प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए नया कानून लाएगी सरकार

Mumbai News. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य के स्कूलों में ‘त्रिभाषा नीति’ लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विधानसभा में भाजपा विधायक डॉ. आशीष देशमुख द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने यह जानकारी दी। मंत्री भुसे ने बताया कि राज्य के स्कूलों में त्रिभाषा नीति तय करने के लिए शिक्षाविद डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। भुसे ने बताया कि समिति को 4 फरवरी 2026 तक अपनी रिपोर्ट देने की समयसीमा दी गई थी और समिति ने तय समय पर 4 फरवरी 2026 को ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। मंत्री भुसे के अनुसार, समिति की सिफारिशों पर फिलहाल मंत्रिमंडल की मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद ही राज्य सरकार आगे की कार्रवाई और त्रिभाषा नीति के क्रियान्वयन को लेकर अंतिम निर्णय लेगी। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य में भाषा शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह नीति तैयार की जा रही है, ताकि छात्रों को मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भाषाओं का भी बेहतर ज्ञान मिल सके।
निजी प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए नया कानून लाएगी सरकार
राज्य में तीन से छह वर्ष के बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने विधानसभा में बताया कि निजी प्री-प्राइमरी स्कूलों की अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, नियम और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भुसे ने यह जानकारी भाजपा विधायक मनीषा चौधरी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विधायक विक्रम पाचपुते, योगेश सागर और अभिमन्यु पवार ने भी भाग लिया।
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
मंत्री भुसे ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर प्री-स्कूल रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू किया गया है। 24 अप्रैल 2025 के सरकारी परिपत्र के अनुसार सभी निजी प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इस पोर्टल पर स्कूलों को कई जानकारियां देनी होंगी जिसमें स्कूल का स्थान और भवन की जानकारी, कक्षाओं की संख्या, छात्रों की संख्या, प्रबंधन की जानकारी, खेल का मैदान, शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षक और कर्मचारियों की जानकारी शामिल है। अब तक राज्य में 12 हजार 733 निजी प्री-प्राइमरी केंद्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जबकि बाकी संस्थानों से भी जल्द रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है।
Created On :   13 March 2026 8:35 PM IST









