दैनिक भास्कर इम्पैक्ट: महाराष्ट्र बना पहला राज्य - सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा न लगाएं रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी, 300 डॉक्टरों ने छोड़ी सीट- 25 ने दी जान

महाराष्ट्र बना पहला राज्य - सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा न लगाएं रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी, 300 डॉक्टरों ने छोड़ी सीट- 25 ने दी जान
  • 36 घंटे लगातार ड्यूटी… तनाव इतना कि राज्य में 300 डॉक्टरों ने छोड़ी सीट
  • सभी विभागाध्यक्ष 2 अप्रैल तक जूनियर रेजिडेंट्स के ड्यूटी रोस्टर का मॉड्यूल दें
  • हेल्थ विभाग का आदेश - सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा न लगाएं रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी

Nashik News. राज्य के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी 24 से 36 घंटे लगातार लगाई जा रही है। इससे जूनियर डॉक्टर इतने तनाव में हैं कि राज्य में 300 डॉक्टरों ने अपनी सीट छोड़ दी, जबकि 25 ने तनाव में आकर अपनी जान दे दी। इस मामले को दैनिक भास्कर ने 29 मार्च 2026 को प्रमुखता से उठाया था। इस खबर को देशभर से व्यापक प्रतिक्रिया मिली। कई डॉक्टर एसोसिएशनों ने इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके चलते महाराष्ट्र के हेल्थ विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि किसी भी रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी एक दिन में अधिकतम 12 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा न लगाई जाए।


मेडिकल स्टूडेंट्स की अमानवीय और अवैध 36-36 घंटे की ड्यूटी पर दैनिक भास्कर के भंडाफोड़ का व्यापक असर हुआ है। राज्य सरकार के सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेजों को 1992 की रेजिडेंसी स्कीम के अनुसार सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ड्यूटी लगाने का आदेश दिया है। साथ ही, एक बार में 12 घंटे से अधिक ड्यूटी नहीं कराने के निर्देश भी दिए हैं। प्रथम वर्ष के पीजी स्टूडेंट्स को 6 माह तक इमरजेंसी ड्यूटी न लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागाध्यक्षों से 2 अप्रैल तक जूनियर रेजिडेंट्स के ड्यूटी रोस्टर का मॉड्यूल मांगा गया है।


रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने माना दैनिक भास्कर का आभार

इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने पर देश और महाराष्ट्र के विभिन्न रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशनों ने दैनिक भास्कर का आभार जताया है। उनका कहना है कि हम दूसरों का दर्द समझते हैं और उनका इलाज करते हैं। लेकिन हमारी परेशानी को दैनिक भास्कर ने समझा और उसे सामने लाकर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया। यूडीएफ के चेयरपर्सन डॉ लक्ष्य मित्तल ने कहा कि महाराष्ट्र इस नियम को 34 साल बाद लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बधाई दी।


Created On :   1 April 2026 10:12 PM IST

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