comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

जिले के 150 मंजरे-टोले ऐसे जहां आज तक नहीं बन पाई सड़क

जिले के 150 मंजरे-टोले ऐसे जहां आज तक नहीं बन पाई सड़क

अफसरों ने तय किया टारगेट, तीन माह में मुख्य मार्गों से जुड़ेेंगे ग्रामीण
डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा ।
मुख्य सड़कों से दूर जिले के ऐसे गांव जहां तक अब भी सड़क नहीं पहुंची है, वहां सड़क निर्माण शुरू कराया जा रहा है। जिले के 150 ऐसे मंजरे टोले चिन्हित किए गए हैं, जिनकी मुख्य सड़कों से कनेक्टिीविटी नहीं है। अब इन गांवों को पक्के मार्गों से जोडऩे का काम शुरू हो गया है। मनरेगा की सुदूर संपर्क सड़क योजना के तहत सड़क बनाई जा रही है। इसके लिए अफसरों ने टाइम लिमिट भी तय करते हुए इसे अगले तीन माह में पूर करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल 119 सड़कों को जिला पंचायत की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से 55 सड़कों में काम भी शुरू हो चुका है। इस लिहाज से आने वाले कुछ महीनों में मुख्य सड़कों से दूर मंजरे-टोले पहुंचना अब आसान हो पाएगा।
ऐसे बन रही सड़क
अब तक गांवों को जोडऩे के लिए मिट्टी मुरम की सड़क बनाई जाती थी, लेकिन इस बार इसमें बदलाव किया है। जिपं अधिकारियों की माने तो प्रति किलोमीटर जहां चार लाख रुपए का औसतन खर्च आता था जो अब बढ़ गया है। इसे तीन परतों के साथ मिट्टी, मुरम और गिट्टी की लेयर के बाद काली मिट्टी में रोलर से कम्पेक्शन किया जा रहा है। तकरीबन 12 फीट चौड़ी यह सड़क होगी।
अभी और सड़कें भी होंगी चिन्हित
फिलहाल ऐसे मंजरे-टोले जो मुख्य सड़क से एक से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर हैं और यहां पर सड़क नहीं बनी है। इसमें अब तक 150 सड़कों को चिन्हित किया है, जहां जिला पंचायत की ओर से 119 सड़कों को स्वीकृत भी कर दिया गया है। वर्तमान में 55 सड़कों का काम भी शुरू हो चुका है। इसके बाद अब उन सड़कों को इसमें शामिल किया जाएगा, जिनका दस वर्ष पूर्व निर्माण हुआ था और वह खराब हो चुकी है। इन सड़कों को बनाया जाएगा।
सड़क बनने से यह होगा फायदा
सड़क बनने से मूलभूत सुविधाओं से दूर मंजरे-टोले में रहने वाले गांवों को आना-जाना आसान होगा। सड़क नहीं होने से कई मर्तबा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर पहुंचेगा। बारिश के दौरान जहां इन गांवों से संपर्क टूट जाता था, वहीं अब यहां जाना-आना आसान होगा।
गुणवत्ता तय करेगी सड़कों का भविष्य
मंजरे-टोलों को मुख्य सड़क से जोडऩे का काम किया जा रहा है। यहां अधिकारियों का दावा है कि गुणवत्ता के साथ सड़कों को बनाया जा रहा है। ऐेसे में सड़क बनने के बाद इन सड़कों की गुणवत्ता इनका भविष्य तय करेगी कि यहां कितने सालों तक ग्रामीणों को सुविधा दे पाती है।
इतनी सड़क हुई स्वीकृत
जिले में कुल 119 सड़कें स्वीकृत हुई हैं। जिसमें अमरवाड़ा जनपद से 7, बिछुआ से 24, चौरई से 20, छिंदवाड़ा से 22, हर्रई से 3, जामई से 15, मोहखेड़ से 11, पांढुर्ना से 5, परासिया से 7 और तामिया की 5 सड़कें हैं।
इनका कहना है
॥ऐसे मंजरे टोले जो अब तक मुख्य सड़कों से जुड़ नहीं पाए हैं, उन्हें जोड़ा जा रहा है। मनरेगा के तहत इन सड़कों को बनाया जा रहा है। अब तक 150 सड़कों को चिन्हित किया जा चुका है, जिसमें से 119 स्वीकृत हो चुकी है। हमारा लक्ष्य है कि अगले तीन माह में इन सड़कों को बना लिया जाए।
- गजेन्द्र सिंह नागेश, सीईओ जिपं
 

कमेंट करें
evR5l
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।