कार्रवाई: अकोला मनपा कर्मचारी से असभ्य बर्ताव मामले में प्रशासन ने दाखिल की थी एफआईआर

February 11th, 2022

डिजिटल डेस्क, अकोला। प्रभाग रचना को लेकर सहायक नगररचनाकार संदीप गावंडे को मनपा विपक्ष नेता साजिद खान पठाण के केबिन में लगभग तीन घंटे तक जबरन बैठाकर रखने तथा गालीगलौज करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। अपराध दर्ज करने के चार दिन बाद स्वराज्य भवन से साजिद खान पठाण, पार्षद मो. इरफान, मोईन खान को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से कांग्रेस समेत राजनीतिक पार्टियों में हड़कम्प मच गया है। गिरफ्तारी पूर्व जमानत को लेकर विपक्ष नेता ने वकील के माध्यम से जमानत की तैयारी की थी। जमानत आदेश लेकर वकील पुलिस थाने पहुंचे, लेकिन इस प्रक्रिया से पूर्व ही सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। इस उलझन की वजह से देर रात तक तीनों को पुलिस थाने में ही बैठाए रखा गया। दस मिनट की देरी की वजह से गिरफ्तारी पूर्व जमानत नहीं मिल पाई। अब संबंधितों को नियमित जमानत लेनी पड़ेगी। बता दें कि 3 फरवरी को सहायक नगररचनाकार संदीप गावंडे के साथ हुए असभ्य बर्ताव के मामले में उपायुक्त पंकज जावले ने सिटी कोतवाली पुलिस थाने में 4 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया कि सहा. नगररचनाकार संदीप गावंडे को साजिद खान पठाण ने फोन कर अपने केबिन में बुलाया। इस अवसर पर पार्षद मो. इरफान, मोन्टू खान, महेंद्र डोंगरे, नौशाद खान, गुड्डू पठाण, जमीन बर्तनवाले, अब्दुल रहीम पेंटर, फिरोज खान, एजाज नवाब उर्फ बाबा समेत 30-40 लोग उपस्थित थे। भीतर से कक्ष बंद कर साजिद खान पठाण व उनके सहयोगियों ने प्रभाग रचना में गलतियां करने का आरोप करते हुए गालीगलौज आरंभ की। पार्षदों ने जोरदार हंगामा किया और बाहर जाने का प्रयास कर रहे संदीप गावंडे को जबरन रोककर रखा। कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष विठ्ठल देवकते संदीप गावंडे को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके समझाने पर भी कोई नहीं माना। गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की गई। सरकारी काम में बाधा निर्माण की गई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने दस लोगो के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 143, 147, 153 ए, 186, 188, 269, 323, 342, 353, 427, 504, 506, 506-2, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 135 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान प्रतिबंधक अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मनपा विपक्ष नेता साजिद खान पठाण, पार्षद मो. इरफान, मोन्टू खान, महेंद्र डोंगरे, पार्षद अब्दुल रहीम पेंटर, पार्षद नौशाद खान, गुड्डू पठाण, जमीन बर्तनवाले, पार्षद फिरोज खान, एजाज नवाब उर्फ बाबा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। मामले में बुधवार की दोपहर स्वराज्य भवन से विपक्ष नेता साजिद खान पठाण, पार्षद मो. इरफान तथा मोईन खान को गिरफ्तार किया गया, वहीं अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

साजिद खान पठाण को पद से हटाया, डा. जीशान हुसेन नए गुट नेता

महानगरपालिका के विपक्ष नेता तथा कांग्रेस के गुट नेता साजिद खान पठाण के संदर्भ में स्वराज्य भवन में कांग्रेस की बैठक हुई। इस बैठक में आलाकमान के आदेश अनुसार नए गुट नेता का चुनाव किया गया। साजिद खान पठाण ने पद से हटते हुए चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लिया। पार्षद डा. जीशान हुसेन को नए गुट नेता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे महानगरपालिका में विपक्ष नेता का पद भी साजिद खान पठाण के हाथ से जानेवाला है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले के आदेश पर यह कार्रवाई की जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। कई वर्षों से साजिद खान पठाण मनपा विपक्ष नेता की जिम्मेदारी निभा रहे है। आज उन्हें गुट नेता पद से हटाया गया, जिससे नए गुट नेता डा. जीशान हुसेन गुरुवार को महापौर को इस संदर्भ में कांग्रेस पार्षदों के हस्ताक्षर का पत्र दे सकते है। पत्र के पश्चात नियमानुसार नए विपक्ष नेता का चुनाव होगा। डा. जीशान हुसेन के नाम की चर्चा है, जिस पर गुरुवार को मुहर लग जाएगी। महानगरपालिका के चुनाव के लिए प्रारूप प्रभाग रचना घोषित की गई। प्रभाग रचना भाजपा के दबाव में किए जाने का आरोप लगाते हुए मनपा विपक्ष नेता साजिद खान पठाण व अन्य कांग्रेस पार्षदों ने सहायक नगररचनाकार संदीप गावंडे को जबरन केबिन में रोककर रखा था। इस मामले में दस लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज हुआ। वहीं सोशल मीडिया पर घटनाक्रम का वीडिओ भी वाइरल हुआ। उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है इन संभावनाओं को भांपते हुए कांग्रेस ने साजिद खान पठाण का गुट नेता पद निकालने गतिविधियां तेज की। बुधवार को स्वराज्य भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में बैठक हुई। इस बैठक में प्रभारी निरीक्षक किशोर बोरकर, सहप्रभारी जावेद अन्सारी, अकोला महानगर अध्यक्ष डा. प्रशांत वानखडे, प्रकाश तायडे, विपक्ष नेता साजिद खान पठाण, डा. जीशान हुसेन तथा पार्षद उपस्थित थे। चर्चा पश्चात साजिद खान पठाण को गुट नेता पद से हटाने पर निर्णय लिया गया। पठाण ने भी कोई विरोध न करते हुए पार्षदों की सहमति से पद छोड़ा। पद छोड़ते ही स्वराज्य भवन से ही उनको पुलिस ने गिरफ्तार किया।