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दैनिक भास्कर हिंदी: जबलपुर-दमोह के अलावा प्रदेश की अन्य सड़कों का भी किया जाएगा सुधार -महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट को दी जानकारी

September 22nd, 2020

डिजिटल डेस्क जबलपुर । मप्र हाईकोर्ट में सोमवार को महाधिवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार जबलपुर-दमोह सड़क के सुधार के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। इसके अलावा प्रदेश की अन्य सड़कों के सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस राजीव कुमार दुबे की डिवीजन बैंच ने मामले की अगली सुनवाई 9 नवंबर को निर्धारित की है। 

जबलपुर-दमोह सड़क बनाने का ठेका वर्ष 2009 में मुंबई की मेसर्स एस्सेल जबलपुर-दमोह टोल प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। सड़क बनाने के एवज में कंपनी को टोल टैक्स वसूलने का अधिकार दिया गया था। कंपनी ने टोल टैक्स की वसूली तो शुरू कर दी, लेकिन सड़क का मेन्टेनेन्स नहीं किया। इस पर हटा निवासी डॉ. विजय बजाज और संदीप बजाज की ओर से जनहित याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान सोमवार को कोर्ट मित्र अधिवक्ता नरिंदर पाल सिंह रूपराह ने बताया कि जबलपुर-दमोह के अलावा जबलपुर-मंडला सड़क की हालत बहुत खराब है। इस पर महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने बताया कि जबलपुर-दमोह के अलावा प्रदेश की अन्य सड़कों के सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से दायर आवेदन पर एक्सिस बैंक मुंबई वर्ली को पक्षकार बनाए जाने का भी निर्देश दिया गया है। सुनवाई के दौरान उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली भी मौजूद थे। 
पुलिस अधिकारी के जाति प्रमाण-पत्र निरस्त करने की अपील की सुनवाई बढ़ी
मप्र हाईकोर्ट ने सागर के पूर्व एसपी रघुवीर सिंह मीणा के जाति प्रमाण-पत्र निरस्त करने के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई 8 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी है। यह मामला सोमवार को चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस राजीव कुमार दुबे की डिवीजन बैंच के समक्ष लगा था। अपील में कहा गया है कि उनका चयन 1984 में एमपी पीएससी के जरिए राज्य पुलिस सेवा में  हुआ था। छानबीन समिति ने वर्ष 2015 में उनका जाति प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिया। इस निर्णय के खिलाफ एकलपीठ में याचिका दायर की गई थी, एकलपीठ ने भी छानबीन समिति के निर्णय को सही बताते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। अपीलकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन और अधिवक्ता राहुल चौबे पैरवी कर रहे हैं।