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भोपाल: पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोग गिरफ्तार

भोपाल: पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोग गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में नोवल कोरोना वायरस पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य में पीड़ितों का आंकड़ा 250 के पार पहुंच गया है। वहीं अबतक 14 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वायरस के संक्रमण को रोकने कलेक्टर तरुण पिथोड़े के आदेश पर भोपाल में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लोगों को लॉकडाउन का पालन करने ही हिदायत दी जा रही है। इसके बावजूद जनता इस जानलेवा वायरस को हल्के में ले रही है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ अनुचित व्यवहार कर रही है। इस बीच पुलिस ने लॉकडाउन में घूम रही भीड़ को घरों में रहने को कहा तो बदमाशों ने पुलिस पर चाकू से हमला कर पथराव कर दिया। हमले में तलैया पुलिस स्टेशन के दो जवान घायल हो गए है। एक सिपाही के बाएं हाथ और दूसरे सिपाही के बाएं कंधे पर चाकू लगा है। इस हमले के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। 

बता दें पुलिस पर हमले की घटना राजधानी के पुराने शहर के तलैया थाना स्थित इतवारा इलाके में हुई। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दी गई। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। तलैया थाना प्रभारी डीपी सिंह के अनुसार रात करीब 11 बजे इतवारा इलाके के रसीदिया स्कूल के पीछे शामद मस्जिद के पास करीब 20 युवक एक साथ घूम रहे थे। पुलिस ने उन्हें समझाया और उन्हें घर जाने को कहा तो भीड़ में शामिल शातिर बदमाश शाहिद कबूतर, मोहसिन कचौड़ी और उनके दोस्तों ने पुलिस पर चाकू से हमला कर दिया।

 तब्लीगी जमात से पत्रकारों को खतरा, मिल रही जान से मारने की धमकी

हमले में सिपाही लक्ष्मण यादव के बाएं कंधे और सतीश कुमार के बाएं हाथ में चाकू लगा है। पुलिस पर हमला कर बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस पर हमले की सूचना मिलते ही अफसर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। 

इस घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता से लिया है । उन्होने कहा, दिन-रात एक कर जनता को इस महामारी से बचाने में लगे पुलिसकर्मियों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा! कबूतर हो या कचोड़ी किसी को बक्शा नहीं जाएगा!

उन्होनें आगे कहा, अराजकता फैलाने वाले गुंडे-बदमाशों को सबक सिखाना अतिआवश्यक है! इन गुंडों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों इंदौर में भी कोरोना वायरस के पीड़ितों का सर्वेक्षण करने गए सरकारी अमले पर असामाजिक तत्वों ने रानीपुरा के टाटपटटी बाखल इलाके मे हमला किया गया था। इस मामले में आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।