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मप्र में कोरोना: भोपाल में अब हफ्ते में पांच दिन खुलेंगे बाजार, शनिवार-रविवार को रहेंगे बंद

मप्र में कोरोना: भोपाल में अब हफ्ते में पांच दिन खुलेंगे बाजार, शनिवार-रविवार को रहेंगे बंद

हाईलाइट

  • भोपाल में सप्ताह में पांच दिन ही खुलेंगे सभी बाजार
  • सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को बंद रखे जाएंगे

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना के संक्रमण को रेाकने के लिए सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए सप्ताह में दो दिन बाजार बंद रखने का फैसला लिया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कोरोना की स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक के दौरान तय किया गया है कि राजधानी में बाजार सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को बंद रखे जाएंगे। इसी तरह सप्ताह में पांच दिन शहर के सभी बाजार खुलेंगे।

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कोरोना से डरने की जरुरत नहीं, सावधानी आवश्यक
राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा के अनुसार, कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 69 हो गया है। वहीं मरीजों के दोगुने होने की दर 31 दिन हो गई है। देश में कोरोना की वृद्धि दर 4.7 है तो मध्य प्रदेश में यह दर 2.3 है। मिश्रा ने कहा, प्रदेश में पूरी तरह कोरोना काबू में है। कोरोना से डरने की जरुरत नहीं है मगर सावधानी आवश्यक है।

मप्र में कोरोना के मामले 10 हजार से ज्यादा
बता दें कि, मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। गुरुवार को 192 मरीज सामने आए। वहीं मरने वालों की संख्या 431 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य में मरीजों की संख्या 10,241 हो गई है।

इंदौर में अब तक 163 लोगों की मौत
इंदौर में 41 नए केस के साथ कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 3932 हो गई है। भोपाल में 85 नए मामले सामने आने से मरीजों की संख्या 2012 और उज्जैन में मरीजों की संख्या 759 हो गई है। वहीं मरने वालों की कुल संख्या 431 हो गई है। अब तक इंदौर में 163, भोपाल में 66, उज्जैन में 64 और बुरहानपुर में 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।