दैनिक भास्कर हिंदी: आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला , पूर्व एपीआई व पूर्व महापौर पत्नी एसीबी की रडार पर

October 21st, 2019

डिजिटल डेस्क, अकोला। अमरावती एसीबी ने एक शिकायत के आधार पर जांच करते हुए अकोला के पूर्व महापौर सुमनताई गावंडे, पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए सहायक पुलिस निरीक्षक श्रीराम कचदन गावंडे, निलंबित भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रणजीत श्रीराम गावंडे, ठेकेदार प्रवीण श्रीराम गावंडे, छोटू उर्फ विक्रम श्रीराम गावंडे के खिलाफ एसीबी ने आय से अधिक संपति अर्जित करने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। बता दें कि एसीबी की जांच में गावंडे  परिवार ने 1 करोड़ 52 लाख 22 हजार 894 रूपए की संपति अपने आय से अधिक संग्रहित की है।

हत्या के आरोप में नामजद हैं 4 आरोपी 
अकोला के विख्यात प्रॉपर्टी ब्रोकर किसनराव हुंडीवाले की चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में 6 मई 2019 को श्रीराम गावंडे तथा उनके परिवार के साथ सहयोगियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल श्रीराम गावंडे, रणजीत गावंडे, विक्रम गावंडे गिरफ्तार हैं जबकि प्रवीण गावंडे फरार चल रहे हैं। हत्याकांड के आरोप की तलवार गावंडे परिवार पर लटक रही थी कि एसीबी द्वारा दर्ज किए गए अपराध ने गावंडे परिवार की मुसीबत और बढ़ा दी है।

आरोपी सुमन गावंडे अकोला की पहली महापौर थी 
अकोला नगर पालिका अक्टूबर 2001 में महानगर पालिका के रूप में परिवर्तित हुई थी। भाजपा ने शिवसेना के साथ युती कर मनपा में पहली सत्ता बनाई थी। भाजपा की ओर से अकोला की प्रथम महापौर बनने का सौभाग्य  सुमनताई गावंडे को मिला । उन्होंने ढाई वर्षों तक महापौर के रूप में कमान संभाली थी ।

कर्मठ अधिकारी के रूप में पहचान थी श्रीराम गावंडे की 
पुलिस विभाग में पुलिस सिपाही पद पर नियुक्त् हुए श्रीराम गावंडे ने अपनी मेहनत तथा काम के प्रति समर्पिंत व उनके काम करने के अलग अंदाज के कारण वह काफी चर्चित रहते थे। वह पुलिस महकमे में कर्मठ कर्मचारी के रूप में पहचाने जाते थे। पुलिस विभाग में अलग अलग थानों में नौकरी करते हुए सहायक पुलिस निरीक्षक के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। 

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