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आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला , पूर्व एपीआई व पूर्व महापौर पत्नी एसीबी की रडार पर

आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला , पूर्व एपीआई व पूर्व महापौर पत्नी एसीबी की रडार पर

डिजिटल डेस्क, अकोला। अमरावती एसीबी ने एक शिकायत के आधार पर जांच करते हुए अकोला के पूर्व महापौर सुमनताई गावंडे, पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए सहायक पुलिस निरीक्षक श्रीराम कचदन गावंडे, निलंबित भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रणजीत श्रीराम गावंडे, ठेकेदार प्रवीण श्रीराम गावंडे, छोटू उर्फ विक्रम श्रीराम गावंडे के खिलाफ एसीबी ने आय से अधिक संपति अर्जित करने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। बता दें कि एसीबी की जांच में गावंडे  परिवार ने 1 करोड़ 52 लाख 22 हजार 894 रूपए की संपति अपने आय से अधिक संग्रहित की है।

हत्या के आरोप में नामजद हैं 4 आरोपी 
अकोला के विख्यात प्रॉपर्टी ब्रोकर किसनराव हुंडीवाले की चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में 6 मई 2019 को श्रीराम गावंडे तथा उनके परिवार के साथ सहयोगियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल श्रीराम गावंडे, रणजीत गावंडे, विक्रम गावंडे गिरफ्तार हैं जबकि प्रवीण गावंडे फरार चल रहे हैं। हत्याकांड के आरोप की तलवार गावंडे परिवार पर लटक रही थी कि एसीबी द्वारा दर्ज किए गए अपराध ने गावंडे परिवार की मुसीबत और बढ़ा दी है।

आरोपी सुमन गावंडे अकोला की पहली महापौर थी 
अकोला नगर पालिका अक्टूबर 2001 में महानगर पालिका के रूप में परिवर्तित हुई थी। भाजपा ने शिवसेना के साथ युती कर मनपा में पहली सत्ता बनाई थी। भाजपा की ओर से अकोला की प्रथम महापौर बनने का सौभाग्य  सुमनताई गावंडे को मिला । उन्होंने ढाई वर्षों तक महापौर के रूप में कमान संभाली थी ।

कर्मठ अधिकारी के रूप में पहचान थी श्रीराम गावंडे की 
पुलिस विभाग में पुलिस सिपाही पद पर नियुक्त् हुए श्रीराम गावंडे ने अपनी मेहनत तथा काम के प्रति समर्पिंत व उनके काम करने के अलग अंदाज के कारण वह काफी चर्चित रहते थे। वह पुलिस महकमे में कर्मठ कर्मचारी के रूप में पहचाने जाते थे। पुलिस विभाग में अलग अलग थानों में नौकरी करते हुए सहायक पुलिस निरीक्षक के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।