आदेश दरकिनार: धड़ल्ले से उड़ाई कोविड नियमों की धज्जियां, वोट काउंटिंग में जुटाई भारी भीड़

January 12th, 2022

डिजिटल डेस्क, अकोला। एक तरफ कोरोना गत  सप्ताह भर से जिले में तहलका मचा रहा है वहीं दूसरी ओर छात्रों को पढ़ लिखकर काबिल बनानेवाले गुरुजी धडल्ले से कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। शिक्षकों की इस हरकत से ऐसे लग रहा था जैसे जिप कर्मचारी भवन वोटों की गिनती का स्थल नहीं कोरोना का हाटस्पाट हो। जिन शिक्षकों पर छात्रों को जिम्मेदार नागरिक, सुशिक्षित और अनुशासित बनाने का जिम्मा हो वह शिक्षक ही गैर जिम्मेदार नजर आ रहे हैं। अब इस मामले में कौन कार्रवाई करेगा या क्या कार्रवाई होगी यह देखना होगा।  जिला परिषद सहकारी पतसंस्था के चुनाव के लिए मतगणना प्रक्रिया सोमवार को जिला परिषद के कर्मचारी भवन में हुई। इस प्रक्रिया के दौरान विविध पैनल का प्रतिनिधित्व कर रहे शिक्षक तथा उनसे जुडे़ शिक्षक भारी संख्या में मतगणना प्रक्रिया के दौरान इकट्ठा हुए। इस दौरान अधिकांश शिक्षक बगैर मास्क नजर आए। 

इनमें कुछ शिक्षकों के चेहर पर केवल शो के लिए मास्क नजर आया जबकि इतनी भीड़ में मास्क सही तरीके से पहनना आवश्यक था। इतना ही नहीं शासन की ओर से जारी कोरोना नियमों की गाइडलाइन में जमावबंदी के निर्णय को भी दरकिनार किया गया। जहां 5 से अधिक लोगों को इकट्टा खड़े होने की अनुमति नहीं हैं वहां सैकड़ों शिक्षक एक दूसरे के साथ सटकर खड़े नजर आए इतना ही नहीं जो विजयी हुए उनके गुट के समर्थक एक दूसरे के गले मिलते व विजयी प्रत्याशियों को गोद में उठाते भी नजर आए। याने छात्रों को भविष्य बनानेवाले शिक्षक ही शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए।

शासन आम नागरिकों को कोविड के नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दे रहा है लेकिन शासकीय कर्मचारी, शिक्षक ही इन नियमों को तार तार करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के खिलाफ कौन कार्रवाई करेगा या क्या कार्रवाई होगी यह देखनेवाली बात होगी।

गतगणना अधिकारी, कर्मचारी भी रहे बगैर मास्क

वोटों की गिनती के के लिए नियुक्त कर्मचारी भी कोरोना के नियमों का पालन करते नजर नहीं आए। भारी भीड़ के दौरान अधिकारी व कर्मचारी बगैर मास्क घुमते व एक दूसरे के पास बैठे नजर आए। मतदान प्रक्रिया तो शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुई लेकिन न जाने इस भीड़ में अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक एक दूसरे को कोविड का प्रसाद दिया होगा।