दैनिक भास्कर हिंदी: नहीं थम रहे वन्यजीवों के हमले, बाघ व भालू के हमले में दो की मौत

May 24th, 2019

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर।  जिले से सटे वन्यक्षेत्रों में वन्यजीवों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वन्यजीवों के आये दिन हो रहे हमले से लोग भारी दहशत में हैं। ताडोबा अंधारी बाघ प्रकल्प के बफर झोन अंतर्गत कोढेगांव समीप इरई नदी के बैक वॉटर के पास बाघ के शिकार एक मवेशी को देखने गए एक 67 वर्षीय व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। पास में ही डेरा डाले बाघ ने हमला कर एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे उपचार के लिए नागपुर के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया । लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। कोढेगांव निवासी गजानन कवडू चौखे 67  मृतक का नाम है। 

 प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को दोपहर कोढेगांव समीप इरई नदी के बैक वॉटर के पास बाघ ने एक गाय की शिकार किया था। वह देखने के लिए कोढ़ेगांव के 10-12 लोग गए थे। इसमें गजानन चौखे  शिकार के पास पहुंच गया। पास में ही बाघ  घात लगाए बैठा था। अन्य लोगों के चिल्लाते ही अचानक बाघ ने चौखे पर हमला कर दिया। अन्य लोगों ने चीख-पुकार मचाकर  बाघ को वहां से भगाने की कोशिश की । मात्र हमले में गजानन गंभीर रूप से घायल हो गया। आंख भी खराब होने की जानकारी है। बताया जाता है कि, पास में ही बाघ ने जंगली सुअर का भी शिकार किया था। 

तेंदूपत्ता तोड़ने गए शख्स पर भालू का हमला, उपचार के दौरान मौत
तेंदूपत्ता तोड़ने गांव के समीप जंगल में गए मजदूर पर भालू ने हमला कर उसे जख्मी कर दिया। चिमूर तहसील के अमरपुरी (भांसुली) गांव के समीप घटी थी। जिसमें जख्मी की  उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। विट्ठल किचू रणदिवे (50) मृतक का नाम बताया जा रहा है। अमरपुरी (भांसुली) निवासी विट्ठल किचू रणदिवे व बाजीराव भिका रणदिवे सहयोगियों के साथ गांव के समीप कक्ष क्रमांक 8 में तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए गए थे। इस दौरान वहां पर झाड़ियों में छुपे भालू ने विट्ठल रणदिवे पर हमला कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घटना ध्यान में आते ही बाजीराव रणदिवे ने भालू को भगाने का प्रयास किया तो भालू ने उस पर भी हमला कर उसे जख्मी कर दिया। घटना अन्य सहयोगियों के ध्यान में आने पर उन्होंने चिल्लाना शुरू कर भालू को भगाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर वनविभाग मुरपार क्षेत्र सहायक नन्नावरे कर्मचारियों के साथ पहुंचे। घटना का पंचनामा कर जख्मियों को चिमूर स्थित उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। विट्ठल रणदिवे की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे उपचार के लिए सरकारी वैद्यकीय महाविद्यालय नागपुर रेफर किया गया। जहां उसकी मौत हो गई।

 

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