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सरकार से उम्मीद : नागपुर का नंबर विकास में रहे बरकरार

सरकार से उम्मीद : नागपुर का नंबर विकास में रहे बरकरार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ है। जाहिर है इस परिवर्तन का परिणाम अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग दिखेगा। विकास के दावों को पूरा करने के लिए नई सरकार प्रयास करेगी। लेकिन जनसामान्य की उम्मीद रहेगी कि परिवर्तन के इस कदम के साथ हर क्षेत्र में विकास हो। नागपुर शहर व जिले के स्तर पर देखा जाए तो लंबे समय तक यहां विकास का इंतजार किया जाता रहा है। कांग्रेस-राकांपा के नेतृत्व की सरकार थी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने नागपुर को अपने सपनों की नगरी बनाया था। इसे ड्रीमसिटी कहा था। देशमुख के द्वारा किए गए नागपुर के विकास को याद भी किया जाता है। टी.चंद्रशेखर जैसे अधिकारियों का वह दौर जब नागपुर में विकास योजनाओं के लिए ठोस निर्णय लिए जाते थे। एकीकृत सड़क योजना के माध्यम से नागपुर की तस्वीर चमकाने का काम विलासराव देशमुख के समय हुआ था। बाद में अशोक चव्हाण व पृथ्वीराज चव्हाण ने भी नागपुर के विकास पर ध्यान दिया। पृथ्वीराज चव्हाण ने मुख्यमंत्री रहते हुए एडवांटेज विदर्भ का आयोजन करके यहां के मिहान में निवेश बढ़ाने की दिशा में बड़ा काम किया था। 

भाजपा-शिवसेना के नेतृत्व की सरकार का नेतृत्व करने वाले देवेंद्र फडणवीस तो नागपुर के ही थे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने न केवल मिहान के कार्यों को गति दी, बल्कि नागपुर को विश्व स्तर पर गतिमान शहर बना दिया। भाजपा का दावा है कि फडणवीस व गडकरी के प्रयासों से नागपुर विश्व में सर्वाधित टाॅप टेन गतिशील शहरों में शामिल हुआ है। नागपुर में विकास योजनाओं के मामले में आने वाली अड़चनों को तेज गति से दूर किया गया। नगरविकास विभाग से संबंधित विविध समस्याओं को देवेंद्र फडणवीस ने दूर करके नागपुर के हजारों परिवारों को राहत दिलाई। यहां तक कि नागपुर में राज्य सरकार के सहयोग से केंद्र सरकार ने निर्धारित समय से पहले मेट्रो रेल चलाने का रिकार्ड बनाया। अब भी कई प्रकल्प निर्माणाधीन हैं, लिहाजा नई सरकार से उम्मीद है कि उन्हें तीव्र गति से पूरे किए जाए।

नागपुर सहित विदर्भ के विकास को गति देने की क्षमता मिहान प्रकल्प में हैं। मिहान में सेज अर्थात विशेष आर्थिक विकास क्षेत्र व मध्यम बड़े स्वरूप के प्रकल्प उभारने की सहमति दी है। कई कंपनियों के साथ फडणवीस के नेतृत्व की सरकार ने अनुबंध किए हैं। फडणवीस के ही नेतृत्व में मिहान में रिलायंस एयरोस्पेस पार्क तैयार किया गया। उसमें डसाल्ट कंपनी ने फाल्कन व राफेल विमान उत्पादन शुरू करने की घोषणा की है। अन्य कंपनियों के साथ भी अनुबंध हुए हैं। नागपुर की बढ़ती जनसंख्या व सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता को देखते हुए शहर में मेट्रो यातायात की व्यवस्था करने के लिए मेट्रो प्रकल्प लाया गया। इस प्रकल्प के दूसरे चरण में 48.29 किलोमीटर उन्नत मार्ग को मंजूरी दी गई है। महाराष्ट्र मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड नागपुर की ओर से प्रकल्प का काम किया जाएगा। इसके लिए 11,239 करोड़ की निधि खर्च को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार यह निधि देने वाली है। इस वर्ष पानी की कमी के कारण पेयजल संकट की स्थिति बनी थी। उसके स्थायी समाधान के लिए कुछ योजनाएं मंजूर की गई हैं। ये कार्य अबाधित रहने चाहिए।

स्मार्ट सिटी योजना

नागपुर शहर में केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना का चयन किया गया है। स्मार्ट व सेफ सिटी की अवधारणा के तहत प्रकल्प पूरा करने का निर्णय लिया गया है। पूर्व नागपुर में सबसे पहले साकार करने के लिए इस योजना को राज्य सरकार की निधि लगेगी। नई सरकार पर्याप्त निधि दे तो ही यह प्रकल्प पूरा हो पाएगा। नागपुर शहर के लिए पिछली सरकार ने विशेष अनुदान दिया था। नई सरकार से भी विशेष अनुदान की दरकार रहेगी। नागपुर मनपा को जीएसटी व अन्य अनुदान के माध्यम से हर माह लगभग 100 कराेड़ रुपए विकास कार्य के लिए मिलते हैं। वह भी मिलते रहना चाहिए।

समृद्धि महामार्ग

देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री रहते हुए जिस ड्रीम प्रोजेक्ट समृद्धि महामार्ग के निर्माण की तैयारी की उसकी शुरुआत नागपुर से ही हो रही है। नागपुर अमरावती सहित विदर्भ के किसानों के कृषि उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने की संकल्पना इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। मिहान प्रकल्प को गति देने के लिए विमानतल के निजीकरण की निविदा प्रक्रिया आरंभ हो गई है। इन प्रकल्पों को नजरअंदाज नही किया जाना चाहिए।

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