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वाट्सएप पर तलाक देने प्रकरण में पुलिस ने दर्ज किया मामला

May 18th, 2019 12:04 IST
वाट्सएप पर तलाक देने प्रकरण में पुलिस ने दर्ज किया मामला

डिजिटल डेस्क, भिवंडी। वाट्सएप पर एक महिला को दिए गए तलाक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसके पति एवं सास,ससुर सहित तीन लोगों के विरुद्ध भोईवाड़ा पुलिस ने आईपीसी की धारा- 498(ए ),323,504 एवं 34 सहित मुस्लिम महिला अधिकार संरक्षण करने वाले 29 फरवरी 2019 के अध्यादेश की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।गौरतलब है कि  कल्याण स्थित कोलसेवाड़ी के रहने वाले नदीम शेख ने पांच वर्ष पहले 18 मई 2014 को भिवंडी के दीवानशाह दरगाह के पास रहने वाली आरजू शेख (23) से निकाह किया था। जिससे उसे एक लड़का भी है। नदीम शेख टेक्निकल इंजीनियर है उसकी पत्नी आरजू पैर से विकलांग होने के बाद गृहणी का काम करती है।

नदीम शेख ने आरजू के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह किया था। आरजू के माता-पिता ने दहेज में उसे नगद सहित गृहस्थी का अन्य सामान भी दिया था, लेकिन निकाह के कुछ दिन बाद ही नदीम ने अपनी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था, आए दिन वह पत्नी आरजू के साथ गाली-गलौज करता रहता था। नदीम शेख उसके चरित्र पर संदेह करते हुए कहता था कि वह उसे पसंद नहीं करता है। पीड़ित महिला पांच वर्षों से अपने पति नदीम शेख की प्रताड़ना झेल रही थी। जिससे उसकी किसी तरह घर-गृहस्थी चल रही थी। 

नदीम शेख नया घर खरीदने के लिये अपनी पत्नी आरजू शेख से मायके से 10 लाख रूपये दहेज लाने की मांग करता था। मायके से 10 लाख रुपया लाने से इंकार करने के कारण उसने आरजू को मारते-पीटते हुए घर से बाहर निकाल दिया था। जिसके बाद उसने वाट्सएप पर आरजू को तीन बार तलाक लिखकर कहा कि वह उसे तलाक दे रहा है। यह मैसेज देखते हुए आरजू के पैरों तले जमीन खिसक गई उसने नदीम से संपर्क करने की कोशिश की परंतु वह नही मिला। काफी तलाश करने पर भी वह नही मिला तो उसने पुलिस और महिला संस्थाओं से संपर्क कर न्याय मांगा।


पीड़ित महिला न्याय के लिए पिछले 15 दिनों से पुलिस सहित महिला संस्थाओं का चक्कर लगा रही थी। उसी समय भिवंडी पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल ने उसे जांच पड़ताल के बाद मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन ने पीड़ित महिला आरजू शेख का 14 मई को जवाब दर्ज करने के बाद दहेज के लिये वाट्सएप पर तलाक देने वाले उसके पति नदीम शेख सहित उत्तर प्रदेश में रहने वाली उसकी सास आयशा शेख एवं ससुर यासीन शेख के विरुद्ध आईपीसी की धारा- 498(ए ),323,504 एवं 34 सहित मुस्लिम महिला अधिकार संरक्षण करने वाले 29 फरवरी 2019 के अध्यादेश की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं ।
   

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।