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'आत्मनिर्भर यूपी': पीएम मोदी बोले- वैक्सीन बनने तक कोरोना की एक दवा- दो गज की दूरी


हाईलाइट

  • पीएम ने की आत्मनिर्भर यूपी रोजगार अभियान की शुरुआत
  • करीब 1.25 करोड़ श्रमिकों को उपलब्ध कराया जाएगा रोजगार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (26 जून) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ (Atma Nirbhar Uttar Pradesh Rojgar Abhiyan) की शुरुआत की। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में योजना की डिजिटल लॉन्चिंग की गई। इसके अंर्तगत यूपी के करीब 1.25 करोड़ स्थानीय व प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कोरोना संकट का जिक्र करते हुए एक बार फिर दो गज की दूरी बनाए रखने का मंत्र दिया है। 

पीएम मोदी ने कहा, फिलहाल हमें कोरोना वायरस की सिर्फ एक दवाई पता है। ये दवाई है- दो गज की दूरी, मुंह ढकना, फेसकवर या गमछे का इस्तेमाल करना। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती, हम इसी दवा से इसे रोक पाएंगे।

पीएम ने सीएम योगी के नेतृत्व को सराहा
कोरोना से निपटने के लिए योगी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि सीएम योगी के नेतृत्व में जिस तरह आपदा को अवसर में बदला गया है, जिस तरह वो जी-जान से जुटे हैं, देश के अन्य राज्यों को भी इस योजना से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, वो भी इससे प्रेरणा पाएंगे। 

पीएम ने कहा, आज जब दुनिया में कोरोना का इतना बड़ा संकट है, तब उत्तर प्रदेश ने साहस और सूझबूझ से जो सफलता पाई, जिस तरह कोरोना से मोर्चा लिया, स्थितियों को संभाला, वो अभूतपूर्व और प्रशंसनीय है। उत्तर प्रदेश के प्रयास और उपलब्धियां इसलिए विराट हैं, क्योंकि ये सिर्फ एक राज्य नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश दुनिया के कई देशों से बड़ा राज्य है। यूपी के 24 करोड़ लोगों की सराहना करता हूं। आपने जो काम किया है वो पूरी दुनिया के लिए मिसाल हैं।

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने यूपी के छह जिलों के ग्रामीणों से संवाद किया। इनमें स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और लॉकडाउन के दौरान अपने घर लौटे प्रवासी मजदूर भी शामिल थे। इन सभी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए कॉमन सर्विस सेंटरों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बातचीत के वक्त पीएम मोदी ने ग्रामीणों से कई तरह के सवाल-जवाब किए। 

कैसे खुद को आत्मनिर्भर बना रही हैं महिलाएं
गोंडा से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बात कर पीएम मोदी ने उनके काम की जानकारी ली। किस तरह से महिलाएं खुद को आत्मनिर्भर बना रही हैं। गोंडा से विनीता ने पीएम को बताया, उन्होंने कई महिलाओं के साथ मिलकर एक समूह बनाया। प्रशासन से सूचना मिलने के बाद काम शुरू किया। बाद में नर्सरी शुरू की और अब एक साल में 6 लाख रुपये की बचत होती है।

जब किसान से बोले पीएम- आप मुझे क्या देंगे?
बहराइच से खेती का काम करने वाले तिलकराम ने मोदी को बताया कि, वह पीएम आवास योजना की मदद से मकान बनवा रहे हैं। पहले झोपड़ी में रहते थे। वहां बहुत दिक्कत होती थी। सरकार ने बहुत अच्छा काम किया। पीएम मोदी ने कहा, आपको मकान मिला है, लेकिन मुझे क्या देंगे। जवाब में किसान ने कहा, हमारी दुआ है कि आप पूरी जिंदगी प्रधानमंत्री रहें। पीएम ने कहा, हमने आपको आवास दिया, सरकार की योजना का लाभ मिला। मैं आपसे मांगता हूं कि, आप अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखवाइए। बच्चों को जितना पढ़ना है, आप उन्हें पढ़ाएंगे ये वादा कीजिए। आप हर साल मुझे चिट्ठी लिखें और बच्चों की पढ़ाई के बारे में बताएं। 

लॉकडाउन के दौरान 30 लाख से अधिक प्रवासियों की वापसी
गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश में 30 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक-कामगार वापस आए हैं। राज्य के 31 जिलों में वापस लौटने वाले श्रमिकों-कामगारों की संख्या 25,000 से अधिक रही। इनमें पांच तेजी से उभरते हुए जिले भी शामिल हैं। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र की तर्ज पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान के रूप में एक पहल की। इसमें राज्य सरकार के साथ ही उद्योग जगत और अन्य संस्थाओं की भी भागीदारी है। इस अभियान का लक्ष्य रोजगार प्रदान करने, स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक संगठनों और अन्य संस्थानों को एक साथ जोड़ना है।

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बता दें कि, 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 हजार करोड़ की गरीब कल्याण रोजगार अभियान नाम की योजना का शुभारंभ किया था। प्रधानमंत्री ने इस योजना की शुरुआत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर ब्लॉक स्थित तेलिहार गांव से की थी। इस मौके पर उन्होंने लॉकडाउन के दौरान गांव लौटे श्रमिकों से भी बातचीत की थी। इस योजना से 6 राज्यों के 116 जिलों को लाभ मिलेगा।


 

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