कलेक्टर व कृषि अधिकारियों ने देखा ड्रोन से छिडक़ाव का प्रयोग: अब किसानों को किराए पर मिलेगा ड्रोन स्प्रे

January 12th, 2022

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। जिले के किसान अब बारिश के सीजन में दलदली खेतों में इस यूरिया का छिडक़ाव ड्रोन के सहारे कीटनाशक, नींदानाशक सहित अन्य पोषक तत्वों का छिडक़ाव कर सकेंगे । बुधवार को लिंगा के किसान सीताराम राउत के खेत में कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन, जिला पंचायत सीईओ हरेंद्र नारायण, कृषि उप संचालक जितेंद्र कुमार सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष बंटी साहू सहित कृषि अधिकारी व किसानों ने ड्रोन से छिडक़ाव का प्रदर्शन देखा।
कृषि विभाग और कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किसानों को उन्नत कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी के तहत बुधवार को लिंगा में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में हार्टिकल्चर कॉलेज के डीन डॉ. विजय पराडकर ने फसलों में रसायनिक उर्वरक, नींदानाशक और कीटनाशक के संतुलित उपयोग की जानकारी दी।  
किराए पर उपलब्ध होगी ड्रोन सुविधा
कृषि अभियांत्रिकी विभाग के सहायक कृषि यंत्री समीर पटेल ने बताया कि फसलों में कीटनाशक, नींदानाशक का स्प्रे करना अब महंगा हो गया। काली मिट्टी वाले खेतों में स्प्रे पंप लेकर चलना मुश्किल होता है। किसानों की इस समस्या का समाधान ड्रोन की सहायता किया जा सकता है। कस्टम हायरिंग सेंटर और निजी संस्थानों की मदद से अब किसानों को किराए पर ड्रोन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। ड्रोन से महज 7 से 10 मिनट में एक एकड़ खेत में स्प्रे किया जा सकता है।
अब यूरिया का भी होगा स्प्रे
जिले में खरीफ में मक्का, सोयाबीन, अरहर सहित अन्य फसलें ली जाती हैं। इंडियन फारमर फर्टिलाइजर को आपरेटिव के अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि इन फसलों के अलावा अन्य उद्यानिकी फसलों में ड्रोन कीटनाशक, नींदानाशक के साथ लिक्विड यानी तरल यूरिया का स्प्रे किया जा सकता है। बोरीबंद दोनदार यूरिया की तुलना में फसलोंं पर लिक्विड यूरिया का प्रभावी असर देखने मिल रहा है। गन्ना, सरसों, कपास, अरहर, मक्का, ज्वार जैसी ऊंची फसलों साथ संतरा, मौसंबी, नीबू, टमाटर सहित बेलवर्गीय सब्जी के बगीचों में ड्रोन से छिडक़ाव आसान होगा।