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"पोषित परिवार-सुपोषित म.प्र." के अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों के परिवारों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

November 17th, 2020 15:44 IST
"पोषित परिवार-सुपोषित म.प्र." के अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों के परिवारों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। सुपोषित प्रदेश की संकल्पना को साकार करने के लिए कुपोषण जैसे गंभीर विषय पर समुदाय एवं परिवार की सहभागिता पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत "पोषित परिवार-सुपोषित मध्यप्रदेश" कार्यक्रम के अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आने वाले बच्चों के परिवार को बच्चे के पोषण स्तर में उनके सक्रिय प्रयास से आयें सुधार के लिए प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जायेगा। प्रमुख सचिव, महिला-बाल विकास श्री अशोक शाह ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र लिख कर अवगत कराया है। यह प्रोत्साहन राशि एक परिवार को 200 रुपये प्रति किश्त की दर से दो किश्तों में 400 रूपये दी जायेगी। इसके तहत दो प्रावधान सुनिश्चित किये गए है। पहले प्रावधान में ऐसे पंजीकृत अति गंभीर कुपोषित बच्चे जिनका पोषण स्तर में अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी से मध्य गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आ गया हो, ऐसे परिवार को प्रोत्साहन की प्रथम किश्त की राशि देय होगी। दूसरे प्रावधान में ऐसे पंजीकृत अति गंभीर कुपोषित बच्चे जो C-SAM कार्यक्रम में मध्यम गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आने के बाद सामान्य पोषण स्तर की श्रेणी में आ गए है, ऐसे परिवार को द्वितीय किश्त की राशि भी देय होगी। इसके अतिरिक्त बच्चे से संबंधित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं जैसे बच्चे की उम्र अनुसार टीकाकरण सारणी का अनुपालन, 6 माह से 2 वर्ष की आयु हो उनके 6 माह के बाद बच्चे के ऊपरी आहार की शुरूआत एवं उसकी निरन्तरता का स्तर निर्धारित मानक अनुसार है या नहीं तथा परिवार द्वारा अपनाये जाने वाले स्वास्थ्य एवं पेषण व्यवहार अथवा शिक्षा के स्तर का भी आंकलन किया जायेगा। वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन एवं पंजीयन के बाद 12 सप्ताह अथवा 3 माह तक सतत प्रयास कर उन्हें सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाता है। इस दौरान बच्चों के परिवार को परामर्श देकर उनके सहयोग से बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य स्थिति में सुधार का प्रयास किया जाता है। "पोषित परिवार- सुपोषित मध्यप्रदेश" में इन परिवारों का सम्मान किया जायेगा जिनके प्रयासों से पंजीकृत अति गंभीर कुषोषित बच्चों के पोषण स्तर में बदलाव परिलक्षित हो रहा है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।