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  • Panic among villagers- herds of elephants of Chhattisgarh are also feared to come to Gondia and Bhandara

भंडारा: गांववालों में दहशत - छत्तीसगढ़ के हाथियों के झुंड गोंदिया और भंडारा में भी आने की आशंका

December 7th, 2021

डिजिटल डेस्क, भंडारा। ओड़िसा से निकले हाथियों के झुंड ने गड़चिरोली जिले के विविध तहसीलों में उत्पात मचाने के बाद अब भंडारा जिले की ओर रुख किया है। जिले के लाखांदुर तहसील मुख्यालय से पांच किमी दूरी पर पिपलगांव (कोहली) में पांच हाथियों का एक झुंड देखे जाने की चर्चा हैं। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों ने झुंड देखे जाने को लेकर इसे महज अफवाह करार दिया हैं। गड़चिरोली जिले में हाथियों के झुंड द्वारा मचाए गए उत्पात की घटनाओं को देखते हुए स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल है। बता दें कि लगभग एक माह पहले ओड़िसा से छत्तीसगढ़ होते हुए हाथियों का झुंड़ गड़चिरोली जिले में दाखिल हुआ था। वहां घने जंगल और पानी की उपलब्धता के चलते यह झुंड लगभग एक माह निवास कर गया। इस बीच झुंड ने क्षेत्र में फसलों को बुरी तरह तहस नहस किया। अब यह झुंड आगे बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील मुख्यालय से गड़चिरोली जिले की वड़सा तहसील की सीमा लगभग 18 किमी दूर है तथा लाखांदुर तहसील का पिपलगांव (को) मेंे घने जंगल से घिरा है। ऐसे में इस झुंड का परििसर में आगमन होने की आशंका है। ऐसे में कुछ दिनों पूर्व भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील के समीप हाथियों का झुंड देखे जाने से क्षेत्र के किसानों में दहशत का माहौल है। इससे पहले हाथी गोंदिया जिले के चिचगढ, अर्जुनी (मोर.) क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। हाथियों का झुंड यदि भंडारा जिले में प्रवेश करता है तो लाखांदुर तहसील के किसानों और नागरिकों को अनचाहे खतरे का सामना करना पड़ सकता है। वन्यजीव मानद सदस्य नदिम खान ने बताया कि नागझिरा यह शब्द हाथी व पानी ऐसे कर बना है। लगभग 100 वर्ष पहले क्षेत्र में हाथियों का अधिवास था। घने जंगल और पानी के चलते यहा हाथी रहते थे। इस लिए यह हाथी गडचिरोली होते हुए जिले में प्रवेश कर सकते है। सोनी, चप्राड, पिपलगांव (को) इन स्थानों से हाथी के झुंड जिले में दाखिल हो सकते है। 

पूर्व तैयारी करे वन विभाग 

नदीम खान, मानद वन्यजीव सदस्य के मुताबिक हाथियों का झुंड लगातार आगे बढ़ता जा रहा हंै। अब वन विभाग को सतर्क रहकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। वर्तमान में जिले के वन विभाग कर्मचारी हाथियों से निपटने के लिए तैयार नहीं हंै। हाथियों को संभालने के लिए अलग तरीके से प्रशिक्षण दिया जाता है। वन विभाग ने राष्ट्रीय स्तर से मदद लेकर पूर्व तैयारी करनी चाहिए।

पहले पहुंचेगा गोंदिया 

एस. बी. भलावी, वन उपसंरक्षक, भंडारा के मुताबिक ओड़िसा से निकला हाथियों का झुंड जिले में दाखिल हुआ तो खेतों और घरों या उसके मार्ग में आने वाली अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचा सकता है। अभी तक सामने आयी घटनाओं से पता चलता है कि हाथियों का झुंड शांत स्वभाव का नहीं है। झुंड वड़सा तहसील में हैं। लेकिन भंडारा जिले में दाखिल होने से पहले यह गोंदिया विभाग के चिचगढ़, अर्जुनी (मोर.) में प्रवेश करेगा। बाद में लाखांदुर होते हुए जिले में दाखिल होगा। अभी तक गड़चिरोली से पूर्व तैयारी को लेकर किसी तरह का अलर्ट नहीं आया है। ऐसी स्थिति बनेगी तो हम इससे निपटेंगे।