विरोध : अकोला में प्रशिक्षु चिकित्सकों के भरोसे जारी रही मरीज सेवा

March 16th, 2022

डिजिटल डेस्क, अकोला। समेत राज्य के 18 शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक चिकित्सकों ने सोमवार से मरीज सेवा देने से पर बहिष्कार डाला है। अकोला जीएमसी के करीब 140 प्राध्यापक चिकित्सक इस आंदोलन में सहभागी हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में चिकित्सकों की अनुपस्थिति के चलते सोमवार को प्रशिक्षु चिकित्सकों व कान्ट्रैक्ट पर नियुक्त चिकित्सकों का सहारा लिया गया। इनकी संख्या बहुत कम होने से अस्पताल में मरीज सेवा चरमराती नजर आई। आंदोलन कर रही संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार एनपीए के विविध भत्ते सातवें वेतन आयोग की तरह दिए जाए। अस्थायी सहायक प्राध्यापकों का समावेश शासकीय सेवा में किया जाए, कान्ट्रैक्ट पर नियुक्ति के २७ जनवरी २०२२ के कैबिनेट बैठक के शासन निर्देश रद्द किए जाए, राष्ट्रीय वैद्यकीय  परिषद व स्थानीय स्तर पर होनेवाली परीक्षाओं के लिए वैद्यकीय महाविद्यालय के लिए प्रतिनियुक्तियां रद्द की जाए, वैद्यकीय शिक्षा सचिव को तत्काल हटाया जाए समेत विविध मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। इसी कड़ी में सोमवार से काम बंद आंदोलन आरंभ कर दिया गया। ऐसी जानकारी अध्यक्षा डा मधुरा काटडारे महाशब्दे की ओर से दी गई है।

इमरजेंसी सेवाएं रही जारी

प्राध्यापक चिकित्सकों के मरीजों के इलाज पर बहिष्कार डालने के कारण इलाज सेवा पर असर पड़ा हालांकि इमरजेंसी सेवाएं निरंतर जारी रही। मात्र छोटी मोटी शल्यक्रियाएं नहीं हो सकी।