दैनिक भास्कर हिंदी: बंद खदान से निकल रहा धुआं, क्षेत्र में फैली दहशत

June 14th, 2020


डिजिटल डेस्क छिन्दवाड़ा/परासिया। पेंचक्षेत्र के रावनवाड़ा खास स्थित बंद भूमिगत कोयला खदान पिट से कई जगहों पर प्री-मानसून होने पर तेज धुआं निकलकर आसपास के क्षेत्र में फैल रहा है। स्वत: तपन प्रक्रिया के चलते खुले में पड़े कोयला के छोटे-छोटे टुकड़े ओर कोयला चूर की वजह से ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। वहीं प्रबंधन ने अब तक इस समस्या से निपटने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
एक पखवाड़ा में दूसरी बार निकल रहा जमीन से धुआं-
रावनवाड़ा खास के बंद खदान पिट से एक पखवाड़ा में दूसरी बार जमीन से धुआं निकलने की घटना सामने आई है। लगभग 13 साल पहले रावनवाड़ा खदान को जहरीली गैस रिसाव होने के चलते ही बंद किया गया था। खदान पिट पर पहली बार निकले सफेद धुआं को देखकर स्थानीय लोग जहरीली गैस रिसाव की आशंका जताते हुए भयभीत हो रहे थे। हालाकि खदान प्रबंधन ने इसे स्वत: तपन प्रक्रिया में कोयला में लगी आग बताकर उसे जल्द बुझाने का आश्वासन दिया था। किन्तु अब तक यहां कोई कार्य नहीं किए गए।
आंखों में जलन और आंसू निकलने की हो रही शिकायतें-
ग्रामीणों के अनुसार खदान पिट से निकल रहे धुआं या गैस से स्थानीय लोगों को आंखों में जलन और आंसू निकलने की तकलीफें हो रही हैं। स्थानीय निवासी राकेश पाल, ग्वाल तिवारी, धनलाल नागवंशी कहते हैं कि पहले कोयला का उपयोग स्थानीय लोगों द्वारा रसोई ईंधन के रूप में होता था, किन्तु तीन दशक से कोयला के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया गया, जिससे खदान पिट से कोयला जलने का धुआं निकल रहा है अथवा कोई गैस का रिसाव हो रहा, ऐसी स्थिति में लोगों को आंखों में जलन और आंसू निकलने की तकलीफें हो रही है।
गड्ढा खोदकर मिट्टी पुराव का बना रहे थे प्रपोजल-
जमीन से धुआं निकलने की समस्या से बचाने पंचायत और वेकोलि द्वारा पानी डाला गया। वहीं वेकोलि प्रबंधन ने यहां खुदाई कर मिट्टी पुराव करवाने का प्रपोजल तैयार कर मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया, किन्तु अब तक उक्त प्रपोजल पर कोई काम नहीं हुआ है। जिससे लोगों का कहना है कि वेकोलि प्रबंधन सिर्फ आश्वासन देता है, किन्तु जनहित में कोई विशेष कार्य नहीं करता है।
इनका कहना है-
बंद खदान पिट पर स्वत: तपन प्रक्रिया से कोयला में आग लगी, जो बरसाती पानी के संपर्क में आने पर धुआं मिक्स भाप बनकर बाहर निकलती दिख रही है। जिसको बुझाने पानी डाल रहे हैं। उस पर मिट्टी का पुराव कर हवा का सम्पर्क रोककर उसे बाहर निकलने से रोकने प्रपोजल मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
  विजय पासकल, प्रबंधक, रावनवाड़ा क्षेत्र