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उत्तर बस्तर कांकेर : राज्य महिला आयोग के नोटिस पर संबंधित व्यक्ति अनिवार्य रूप से उपस्थित हो - अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक

November 05th, 2020 18:29 IST
उत्तर बस्तर कांकेर : राज्य महिला आयोग के नोटिस पर संबंधित व्यक्ति अनिवार्य रूप से उपस्थित हो - अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक

डिजिटल डेस्क, उत्तर बस्तर कांकेर। 04 नवंबर 2020 छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक ने महिला आयोग मे दर्ज कांकेर जिले के 08 प्रकरणों की आज यहॉ सुनवाई की। आयोग द्वारा संबंधितों को नोटिस जारी करने के बाद भी सुनवाई में उपस्थित नही होने पर उनके द्वारा गंभीर नाराजगी व्यक्त की गई तथा उन्होंने संबंधितों को निर्धारित तिथि में उपास्थित होकर प्रकरण को निराकृत करने कहा। दहेज प्रकरण में प्रताड़ना की शिकायत पर अनावेदकगणों की उपस्थिति महिला आयोग के कारण सुनिश्चित हो पाई, अनावेदक जानबूझकर आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहे थे, महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अनावेदकगणों की उपस्थिति सुनिश्चित करवाई। आवेदिका की शिकायत पर अनावेदकगणों को सुनकर यह निर्णय दिया गया कि आवेदिका का दहेज में मिला हुआ सारा सामान वापस करें, इसके अतिरिक्त महिला आयोग ने अनावेदकगणों के ऊपर लगे हुए आरोप जो कि मोबाइल रिकॉर्ड पर लिखित लिपिबद्ध किया गया था, आवेदिका ने निवेदन किया कि प्रकरण रायपुर में स्थानांतरित किया जाए। आवेदिका को दहेज प्रताड़ना के अतिरिक्त अप्राकृतिक कृत्य एवं सास, देवर और पति के द्वारा डराए, धमकाए जाने और घर से भगा दिए जाने की भी शिकायत थी, जिसे महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ नायक ने गम्भीर प्रवृत्ति का मानते हुए नियम अनुकूल कार्रवाई करने की बात कही। एक उल्लेखनीय प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उनके नाम से महिला आयोग में फर्जी शिकायत की गई है, लेकिन शिकायत में जो मोबाईन नंबर दिया गया गया है वह उनका ही है और यह मोबाईल नंबर एक साल से बंद है। अनावेदक सुनवाई में उपस्थित हुए और बताया कि उन्होंने मई माह में विवाह कर लिया है। अभिलेख में उभय पक्षों के परिजनों के बयान भी दर्ज हैं जिसमें आवेदिका ने कहा कि उसके द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई है और न ही वह कोई कार्रवाई चाहती है, ऐसी स्थिति में आयोग ने संपूर्ण प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता के नाम पर झूठी शिकायत करने वाले के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए उपस्थित थाना प्रभारी को निर्देशित किया। दहेज प्रताड़ना के प्रकरण में शिकायतकर्ता और अनावेदक दोनो उपस्थित हुए जिसमें शिकायतकर्ता ने आपसी सहमति से विवाह विच्छेद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत होना बताया और कहा कि दहेज में जो समान दिये गये थे, उसे वापस प्राप्त कर लिया गया है। आवेदिका उक्त प्रकरण को आयोग मे ंनही चलाने का विचार व्यक्त किया, जिस पर प्ररकण का निराकरण किया गया। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका शिकायतकर्ता के द्वारा शारीरिक शोषण की शिकायत की गई थी जिस पर आयोग के नोटिस मिलने के पश्चात आरोपी के विरुद्ध जुर्म पंजीबद्ध किया गया, इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता के द्वारा माननीय आयोग के समक्ष यह निवेदन किया गया कि उसकी शिकायत में कुछ अंश जानबूझकर छोड़ दिए गए हैं, जिसको आयोग ने गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि उक्त संबंध में आवेदन लिया जाकर शिकायत में छूटे हुए अंश को जोड़ा जावे, जिससे शिकायतकर्ता को न्याय मिल सके। इसके अलावा अन्य प्रकरण में आवेदिका शिकायतकर्ता की शिकायत प्राप्त होने के पश्चात आयोग द्वारा नोटिस जारी होने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज किए जाने का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिस पर आवेदिका शिकायतकर्ता के द्वारा यह कथन किया गया कि उसकी शिकायत काफी पुरानी है, जिस पर अभी कार्रवाई हुई है, प्रकरण में संतुष्ट होने का कथन आवेदिका द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त आयोग के द्वारा आवेदिका शिकायतकर्ता की शिकायत पर अनावेदकगणों को बुलाया जा कर संपूर्ण प्रकरण को गंभीरता से सुना गया, आवेदिका सीआरपीएफ सैनिक की पत्नी है जिसे गांव वालों के द्वारा उनके अनुपस्थिति में प्रताड़ित किया गया था, जिस पर आयोग ने सैनिक की पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर उसकी सामाजिक अवहेलना पर अनावेदकगणों को फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसा कृत्य नहीं दोहराने का निर्देश दिया। कांकेर जिले में सुनवाई के दौरान 8 प्रकरणों में शतप्रतिशत पक्षकारों की उपस्थिति रही। प्रकरण सुनवाई में शासकीय अधिवक्ता शमीम रहमान, महिला बाल विभाग से जिला कार्यक्रम अधिकारी किशनक्रांति टण्डन, महिला बाल विकास अधिकारी सीएस मिश्रा, संरक्षण अधिकारी नवा बिहान श्रीमती तुलसी मानिकपुरी, बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रीना लारिया, विधि सेवा प्राधिकरण अधिवक्ता सागर गुप्ता एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।