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  • Water will be given for Palewa for Rabi irrigation from November 15. Meeting of District Level Water Utilization Committee organized!

उपयोगिता समिति की बैठक: रबी सिंचाई हेतु 15 नवंबर से पलेवा के लिए दिया जाएगा पानी जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित!

October 27th, 2021

डिजिटल डेस्क | बैतूल कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस की अध्यक्षता में मंगलवार को जल संसाधन विभाग के जलाशयों में संग्रहित जल के उपयोग हेतु जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिलाष मिश्रा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री अक्षत बुंदेला, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक-2 बैतूल एवं मुलताई, जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग/उप यंत्री, महाप्रबंधक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, किसान कल्याण के सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी भैंसदेही, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सेवा संभाग एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।

जल संसाधन संभाग-2 के कार्यपालन यंत्री श्री ए.के. देहरिया ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में रबी सिंचाई हेतु 15 नवंबर से पलेवा हेतु पानी दिया जाएगा। तत्कालीन परिस्थति एवं क्षेत्र की आवश्यकतानुसार अनुविभागीय अधिकारी/उपयंत्री जल संसाधन कृषकों से समन्वय स्थापित कर कार्यपालन यंत्री की अनुमति से नहर संचालन का कार्य करेंगे। शत प्रतिशत भराव वाले जलाशयों से पूर्ण सिंचाईं अर्थात एक पलेवा एवं दो पालन दिया जाएगा। शेष जलाशय में जल उपलब्धता के अनुसार सिर्फ पलेवा या पलेवा के साथ एक पानी दिए जाने का निर्णय लिया गया।

जिन जलाशयों में जल भराव क्षमता कम है, उस क्षेत्र के कृषकों को गेहूं के स्थान पर चना बोने की सलाह दी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन कृषकों को लिफ्ट से मोटर पंप के माध्यम से सिंचाईं करना है, उन्हें विद्युत कनेक्शन प्रदाय करने के पूर्व संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन की अनापत्ति प्रमाण पत्र लिये जाने पर ही विद्युत विभाग द्वारा अस्थायी कनेक्शन दिया जाएगा। जिन कृषकों के ऊपर पूर्व वर्षों का सिंचाईं राजस्व शेष है, जमा करने पर ही सिंचाईं सुविधा सुगमता से उपलब्ध कराए जाने पर सहमति व्यक्त की गई।

यह भी निर्णय लिया गया कि राजस्व वसूली दिए जाने के लिखित आश्वासन के उपरांत ही कृषकों को सुगमता से सिंचाईं सुविधा दी जा सकेगी। बैठक में जल संरचनाओं/बांध/नहर/सिंचाई में संलग्न अमले को क्षति पहुंचाने पर जल संसाधन विभाग के आवेदन पर सख्त कार्रवाई किये जाने की सहमति व्यक्त की गई। कृषकों की मांग पर उपयुक्त कृषकों को कनेक्शन प्रदाय करने हेतु विद्युत एवं जल संसाधन विभाग त्वरित समन्वय कर कनेक्शन प्रदाय करने की कार्यवाही करेंगे। नहर का संचालन टेल से हेड की ओर किया जाएगा, अर्थात नहर के अंतिम छोर के कृषकों को सर्वप्रथम पानी प्रदाय किया जाएगा, फिर क्रमश: ऊपर के कृषकों को सिंचाई हेतु पानी प्रदाय किया जाएगा।

जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के कृषकों से अपील की गई है कि सिंचाई हेतु खेत तैयार हो जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी/उपयंत्री से संपर्क कर सुचारू रूप से सिंचाई व्यवस्था में सहयोग करें एवं सिंचाई का लाभ लें। साथ ही यह भी अपील की गई है कि निर्बाध सिंचाई हेतु पूर्व के वर्षों का शेष राजस्व शीघ्र चुकता करें, जिससे कृषकों को पूर्ण संतुष्टि के साथ समय पर सिंचाई उपलब्ध करायी जा सके।