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भुली जलाशय निर्माण: मकान व भूखंडों के सर्वे का ग्रामीणों ने किया विरोध, टीम वापिस लौटी

डिजिटल डेस्क,पांढुर्ना। भुली के समीप छिंदवाड़ा सिंचाई काॅम्प्लेक्स के अंतर्गत जलाशय निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना प्रस्तावित है। जलाशय निर्माण के अंतर्गत कृषि भूमि के सर्वे और मुआवजे का अवार्ड पारित होने की प्रक्रिया के बाद अब प्रशासनिक अमले ने जलाशय निर्माण में अधिग्रहित होने वाले गांवों के मकानों व भूखंडों का फिजिकल सर्वे शुरू किया है।
मंगलवार को सर्वे टीम ग्राम भुली पहुंची, पर टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। सर्वे और मुआवजे के अवार्ड पारित होने में पूर्व में आई विसंगतियों को लेकर ग्रामीणों ने टीम से कई सवाल किए। ग्रामीणों का विरोध देखकर सर्वे टीम को बैगर कार्रवाई किए वापिस लौटना पड़ा।
इस संबंध में ग्राम सरपंच दिलीप घागरे ने बताया कि ग्रामीणों को सर्वे और जमीन के वर्गीकरण को लेकर आपत्ति है। ग्रामीणों की मांग है कि जमीन अधिग्रहण से संबंधित पूरी जानकारी पहले सार्वजनिक की जाए और अधिग्रहित होने वाली जमीन, जमीन का क्षेत्रफल, जमीन का वर्गीकरण और निर्धारित मुआवजा दर स्पष्ट रूप से बताई जाए।
वरिष्ठ नागरिक गजेन्द्र घागरे ने बताया कि जलाशय निर्माण से प्रभावित होने वाले परिवारों के विस्थापन को लेकर भी उन्हें अब तक पर्याप्त जानकारी सार्वजनिक नही की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि पहले उन्हें पूरी जानकारी दी जाए, इसके बाद ही सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाए कि पूर्व में उनकी जानकारी के बिना कृषि भूमि का सर्वे कर मुआवजे का अवार्ड पारित कर दिया गया। अब मकान व भूखंडों के सर्वे में भी कोई जानकारी सार्वजनिक की गई है।
जानकारों ने बताया कि खाली पड़े भूखंडों को कृषि भूमि की श्रेणी में शामिल कर आंकलन किया जा रहा है। वहीं सर्वे करने पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों ने सर्वे संबंधी सूचना सार्वजनिक करते हुए सर्वे कार्य शुरू करने कहा है। संबंधित जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है।
Created On :   29 Sept 2026 6:16 PM IST












