कंसल्टेंसी पर नकेल: साइबर पुलिस की बड़ी सफलता, अमेरिका की शिक्षण संस्था में फंसे छात्र के साढ़े 4 लाख रुपए कराए वापस परभणी

साइबर पुलिस की बड़ी सफलता, अमेरिका की शिक्षण संस्था में फंसे छात्र के साढ़े 4 लाख रुपए कराए वापस        परभणी
  • हाइब्रिड शिक्षा के नाम पर हुई थी धोखाधड़ी, एक वर्ष के प्रयास के बाद मिली राहत
  • चल रही थी कंसल्टेंसी की टालमटोल, साइबर सेल की निर्णायक कार्रवाई

Parbhani News. कंसल्टेंसियों के माध्यम से विदेशी यूनिवर्सिटी से पढ़ने की चाह रखने वाले छात्रों को अपने आंख-नाक-खान खुले रखना जरूरी है, नहीं तो पीड़ित परिवार की तरह परेशानी झेलनी पड़ सकती है, लेकिन राहत की बात रही कि इस मामले में पुलिस ने अपना जो रोल निभाया है, उससे पीड़त परिवार को न केवल राहत मिली, बल्कि मेहनत का पैसा डूबने से भी बच गया।

पुलिस विभाग के साइबर सेल ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए शहर के एक छात्र के अमेरिका स्थित विश्वविद्यालय में फंसे करीब साढ़े चार लाख रुपए सुरक्षित वापस दिलवाए हैं। हाइब्रिड शिक्षा (ऑनलाइन व ऑफलाइन का मिश्रण) के नाम पर हुई इस धोखाधड़ी में पुलिस के लगभग एक वर्ष के कई प्रयासों के बाद 5 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब साढ़े 4 लाख रुपये) छात्र के खाते में वापस जमा कराए गए।


क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, काद्राबाद प्लॉट निवासी सैयद आसिम रऊफ ने दिसंबर 2024 में अमेरिका के कंसास राज्य स्थित Avila University में ‘एमएस बिजनेस एनालिटिक्स’ पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया था। यह आवेदन उन्होंने ‘एडवाय कंसल्टेंसी’ के माध्यम से किया था।

सैयद आसिम और कंसल्टेंसी के बीच हाइब्रिड शिक्षा को लेकर सहमति बनी थी। इसके तहत छात्र ने कंसल्टेंसी द्वारा उपलब्ध कराई गई लिंक के माध्यम से विश्वविद्यालय के खाते में 5 हजार अमेरिकी डॉलर जमा किए थे।


कंसल्टेंसी की टालमटोल

प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्र को जानकारी मिली कि विश्वविद्यालय हाइब्रिड के बजाय नियमित (रेगुलर) प्रवेश लेने के लिए बाध्य कर रहा है। वहीं, कंसल्टेंसी की ओर से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। जब आसिम ने प्रवेश लेने से इनकार करते हुए अपनी राशि वापस मांगी, तो कंसल्टेंसी ने विभिन्न दस्तावेजों और वापसी टिकट संबंधी जानकारी मांगकर प्रक्रिया में देरी शुरू कर दी। करीब तीन महीने तक लगातार प्रयास करने के बावजूद जब राशि वापस नहीं मिली, तो अप्रैल 2025 में छात्र ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

साइबर सेल की निर्णायक कार्रवाई

शिकायत मिलते ही साइबर सेल के पुलिस निरीक्षक बुद्धिराज सुकाले, उपनिरीक्षक आदित्य लाकुले और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संबंधित कंसल्टेंसी से संपर्क साधा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी और लगातार संपर्क साध रखा। निरंतर दबाव और तकनीकी जांच के बाद अंततः कंसल्टेंसी को झुकना पड़ा और छात्र की पूरी राशि वापस कर दी गई।

पुलिस टीम का अभिनंदन

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रविंद्रसिंह परदेशी तथा अपर पुलिस अधीक्षक सूरज गुंजाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। साइबर सेल के निरीक्षक बुद्धिराज सुकाले, उपनिरीक्षक आदित्य लाकुले सहित बालाजी रेड्डी, गणेश कौटकर, मोहम्मद शारेख, स्वप्नील पोतदार, सैयद हिना और रजवी मुर्तुजा की टीम ने इस प्रकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस अधीक्षक ने इस सफल कार्रवाई के लिए पूरी टीम की सराहना करते हुए नागरिकों से ऑनलाइन लेनदेन और विदेश शिक्षा से संबंधित प्रक्रियाओं में सतर्कता बरतने की अपील की है।

Created On :   26 Feb 2026 7:20 PM IST

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