Pune City News: पुणे और मुंबई विश्वविद्यालय मिलकर शुरू करेंगे संयुक्त एमटेक पाठ्यक्रम

पुणे और मुंबई विश्वविद्यालय मिलकर शुरू करेंगे संयुक्त एमटेक पाठ्यक्रम
  • नैनो टेक्नोलॉजी और ऊर्जा अध्ययन को जोड़ा जाएगा
  • उच्च शिक्षा में पहली बार संयुक्त डिग्री की पहल

भास्कर न्यूज, पुणे। सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय और मुंबई विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों विश्वविद्यालय पहली बार संयुक्त स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं। इसके तहत नैनो टेक्नोलॉजी और ऊर्जा अध्ययन में एमटेक पाठ्यक्रम चलाया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहन और आधुनिक बैटरी के क्षेत्र में बड़े स्तर पर शोध चल रहा है। ऐसे समय में ऊर्जा अध्ययन के साथ नैनो टेक्नोलॉजी को जोड़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नैनो टेक्नोलॉजी के माध्यम से ऊर्जा का भंडारण और उसकी क्षमता बढ़ाने पर शोध को गति मिल सकती है। इसी उद्देश्य से दोनों विश्वविद्यालयों ने संयुक्त एमटेक पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है।

दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुआ समझौता

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में ऊर्जा अध्ययन केंद्र के माध्यम से एमटेक पाठ्यक्रम चलाया जाता है। वहीं मुंबई विश्वविद्यालय में नैनो टेक्नोलॉजी में एमटेक की पढ़ाई होती है। दोनों पाठ्यक्रमों की विशेषज्ञता को एक साथ लाने के लिए मुंबई विश्वविद्यालय के साथ हाल ही में समझौता किया गया है। इसी समझौते के तहत संयुक्त पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश गोसावी ने बताया कि संयुक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को संबंधित विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा देनी होगी। पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा के बाद पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। संयुक्त पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों को कई सुविधाएं मिलेंगी। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध होगी। विशेषज्ञ शिक्षकों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं का संयुक्त उपयोग भी किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को शोध के बेहतर अवसर मिलेंगे।

बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा

डॉ. गोसावी के अनुसार, ऊर्जा और नैनो टेक्नोलॉजी के साथ अन्य क्षेत्रों को भी जोड़ने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को ऊर्जा से लेकर स्वास्थ्य विज्ञान तक बहुविषयक शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए यह संयुक्त पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए शोध और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है।

Created On :   19 Aug 2026 5:40 PM IST

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