Pune City News: पुरंदर एयरपोर्ट परियोजना को मिली रफ्तार

पुरंदर एयरपोर्ट परियोजना को मिली रफ्तार
  • किसानों को प्रति एकड़ करीब 1.61 करोड़ रुपये मिलेंगे
  • 6500 परिवार होंगे लाभान्वित, मकान- पेड़- कुओं का भी मिलेगा दोगुना मूल्य

भास्कर न्यूज, पुणे। ‘छत्रपति संभाजीराजे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पुरंदर’ परियोजना की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने के लिए उच्च स्तरीय समिति ने प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों के लिए मुआवजा दरों को अंतिम मंजूरी दे दी है। प्रशासन द्वारा घोषित पैकेज के अनुसार किसानों को प्रति एकड़ लगभग 1 करोड़ 61 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा।

यह परियोजना पुणे जिले के पुरंदर तालुका में विकसित की जा रही है, जिसे क्षेत्र के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार के 9 फरवरी के शासन निर्णय के अनुसार कुल 1216.75 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

अधिग्रहण में वानपुरी, उदाचीवाडी, कुंभारवलण, एकहतपुर, परगांव, मुंजवडी और खानवडी गांवों की जमीन शामिल है। इन सात गांवों के करीब 1300 सर्वे नंबर परियोजना में प्रभावित होंगे। प्रशासन के अनुसार लगभग 6500 परिवारों को इस प्रक्रिया से आर्थिक लाभ मिलेगा और प्रत्येक परिवार को औसतन करीब 2 करोड़ रुपये तक प्राप्त हो सकते हैं।

24 अप्रैल को उद्योग विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुआवजा दरों को मंजूरी दी गई। तय पैकेज में 94 लाख 94 हजार 60 रुपये प्रति हेक्टेयर मूल बाजार मूल्य, उस पर दो गुना गुणांक, 100 प्रतिशत सोलैटियम और 1 मई 2025 से 30 अप्रैल तक 12 प्रतिशत ब्याज शामिल है। इन सभी को मिलाकर प्रति एकड़ कुल मुआवजा लगभग 1 करोड़ 61 लाख 1 हजार 925 रुपये निर्धारित किया गया है।

भूमि के साथ मौजूद मकान, शेड, कुएं, बोरवेल और पेड़ों का अलग से दोगुना मूल्य भी दिया जाएगा। कृषि और लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए मूल्यांकन के अनुसार आम के पेड़ों के लिए 50 से 60 हजार रुपये, इमली के पेड़ों के लिए 40 से 50 हजार रुपये तक की राशि तय की गई है। पक्के मकानों का मूल्य 3 लाख से 40 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है, जबकि कुओं के लिए 3 से 17 लाख रुपये तक मुआवजा मिलेगा।

सरकार ने भूमिहीन मजदूरों और छोटे किसानों के लिए भी विशेष पुनर्वसन सहायता घोषित की है। भूमिहीन मजदूरों को 750 दिनों की मजदूरी तथा छोटे और सीमांत किसानों को 500 दिनों की मजदूरी सरकारी दरों के अनुसार दी जाएगी। इसके अलावा घर स्थानांतरण के लिए 40 हजार रुपये और पशुशाला स्थानांतरण के लिए 20 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी मुआवजा राशि आयकर और अन्य सरकारी करों से मुक्त रहेगी तथा भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में RTGS के माध्यम से किया जाएगा।

जिलाधिकारी कार्यालय ने प्रभावित किसानों से 6 मई से 10 जून 2026 के बीच सहमति पत्र और शपथपत्र जमा करने की अपील की है। MIDC पुनर्वसन नीति 2019 के तहत कंसेंट अवॉर्ड स्वीकार करने वाले किसानों को विकसित जमीन का 10 प्रतिशत हिस्सा वापस पाने का विकल्प भी दिया जाएगा। हालांकि अनिवार्य अधिग्रहण की स्थिति में यह अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा।

प्रशासन के अनुसार 5 मई तक 174.64 हेक्टेयर भूमि के लिए कुल 244 सहमति पत्र प्राप्त हो चुके हैं। सरकार ने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज गति से आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया है।

Created On :   5 May 2026 8:14 PM IST

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