रीवा न्यूज: सागर जैसे हादसे की आहट, गेहूं-गुढ़ और यूरिया के मिश्रण से बन रही शराब

सागर जैसे हादसे की आहट, गेहूं-गुढ़ और यूरिया के मिश्रण से बन रही शराब
पानी के पाउच की तरह होती है पैकिंग

डिजिटल डेस्क रीवा।सागर में नकली अवैध शराब की घटना ने हर व्यक्ति को झकझोर दिया है। शराब की बिक्री जिस तेजी के साथ बढ़ रही है, शासन-प्रशासन इस पर अंकुश नहीं लगा पा रही है तथा सतर्कता नहीं बरती जा रही है। उससे प्रदेश भर में स्थिति गंभीर होती जा रही है। रीवा जिला भी अवैध शराब के मामले में अछूता नहीं है। यहां तक कि रीवा और मऊगंज जिले के एक दर्जन से अधिक ऐसे गांव हैं जहां कि बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाई जा रही है। स्थिति तो यहां तक है कि गेहूं, गुड़ और यूरिया के मिश्रण से कच्ची शराब तैयार करके लोगों तक पहुंचाई जा रही है। ऐसे में अब यहां भी सागर जैसी घटना की आहट दस्तक देने लगी है।

इन क्षेत्रों में तैयार हो रही शराब

सूत्रों के अनुसार मऊगंज जिले के हनुमना से नईगढ़ी, घूमा, पनगड़ी, पताई, लालगांव तथा त्योंथर, पटेहरा, चाक, सोनौरी जैसे क्षेत्रों तथा बेलन नदी के आसपास वाले बेल्ट में महुआ के साथ ही अब गेहूं से शराब तैयार कर जगह-जगह बेची जा रही है। अब इसकी जानकारी शासन या आबकारी विभाग को है या नही यह स्पष्ट नहीं है।

गेहूं को सड़ाकर बनती है शराब

क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि गेहूं को सड़ाकर शराब बनाई जा रही है। तैयार रस में गुड़ मिलाया जाता है। यहां तक कि नशा तेज करने के लिए खेतों की फसलों में डाली जाने वाली यूरिया का भी मिश्रण किए जाने की बात सामने आ रही है।

पानी के पाउच की तरह होती है पैकिंग

क्षेत्रीय लोग बताते हैं कि गेहूं की कच्ची शराब पानी के पाउच की तर्ज में पैकिंग होती है। पाउच को पानी के डिब्बे में भरकर लोग यहां-वहां 20 रुपए प्रति पाउच बेचा जाता है। लोगों का तो यह भी कहना है कि इसके बारे में पुलिस और आबकारी टीम को पूरी जानकारी रहती है। सब कुछ फिक्स रहता है। अगर इस पर कंट्रोल नहीं किया गया तो सागर जैसी स्थिति यहां कभी भी निर्मित हो सकती है और कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

वर्जन --अनिल जैन, सहायक आबकारी आयुक्त

अभी तक इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसी स्थिति है तो यह संवेदनशील मामला है। ऐसे क्षेत्रों की पहचान करके आबकारी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।



Created On :   11 Sept 2026 7:38 PM IST

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