Seoni news: पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में बनाया जा रहा ग्रासलैंड, चीतलों की चहलकदमी बढ़ी

डिजिटल न्यूज़ सिवनी
पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में स्थित कर्माझिरी गांव की पहचान अब एक नए रूप में उभरने जा रही है। सेंचुरी घोषित होने के बाद इस क्षेत्र में वन्यजीवों के अनुकूल प्राकृतिक वातावरण विकसित करने की दिशा में बड़ा ग्रासलैंड तैयार किया जा रहा है। जंगल के बीच विकसित होने वाला यह घास का मैदान वन्यजीवों के लिए अनुकूल रहवास तैयार करने और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रासलैंड के विकास से क्षेत्र के वन्यजीव प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। ज्ञात हो कि सरकार ने 26 जुलाई 2022 को कर्माझिरी को अभ्यारण (सेंचुरी) घोषित किया है।
120 हेक्टेयर में हो रहा काम
जानकारी के अनुसार कर्माझिरी सेंचुरी में 120 हेक्टेयर में बड़ा ग्रासलैंड तैयार किया जा रहा है। कई जगह पर घास के मैदान भी बनने लगे हैं। यहां पर विस्थापित हुए लोगों के खेतों में ग्रासलैंड तैयार बनाया जा रहा है। हालांकि अभी गांव पूरी तरह से विस्थापित नहीं हुआ है। विस्थापन होने के बाद 25 हेक्टेयर में और ग्रासलैंड बनाया जाएगा।
आने लगे चीतल और अन्य वन्यजीव
गांव से 128 परिवारों के विस्थापन के बाद गांव में मानो सन्नाटा है। ग्रासलैंड तैयार होने की कार्रवाई और शोरगुल कम होने से यहां पर शाकाहारी वन्यजीवों की चहलकदमी बढ़ गई है। खासकर चीतल बड़ी संख्या में आ रहे हैं और उन्हें हरी घास भी मिलने लगी है। चीतलों की आवाजाही के कारण टाइगर भी आएंगे। ऐसे में पर्यटकों को टाइगर के दीदार भी हो जाएंगे।
8 परिवार अभी भी डटे
कर्माझिरी गांव का नवीन कर्माझिरी गांव में विस्थापन किया जा रहा है। अभी भी यहां पर 8 परिवार(28 यूनिट) बसे हुए हैं। उन्हें विस्थापित होने के लिए लगातार समझाइश दी जा रही है, लेकिन वे जाने को तैयार नहीं है। हालांकि ये ही वे परिवार हैं जिन्होंने विस्थापन होने के लिए समिति के सामने सहमति जाहिर की थी। पार्क प्रबंधन उन्हें विस्थापन होने के फायदे भी बता रहा है।
450 एकड़ का एरिया
कर्माझिरी 450 एकड़ में है। यहां पर करीब 150 परिवार थे इसमे से 90 प्रतिशत लोग विस्थापित हो चुके हैं। पुराने घरों का सामान भी विस्थापित हो चुके लोग ले जा चुके हैं। यहां पहले आंगनबाड़ी, प्राइमरी स्कूल था। पर्यटकों की आवाजाही पुराने गेट से ही हो रही है जबकि प्राइवेट वाहनों को बरेलापार के पास रोका जा रहा है। जल्द ही नया गेट बनाया जाएगा।
इनका कहना है
कर्माझिरी सेंचुरी घोषित होने के बाद वहां पर अब बड़ा ग्रासलैंड तैयार हो रहा है। शाकाहारी वन्यजीव भी आने लगे हैं। उन्हें पर्याप्त भोजन भी मिल जाएगा।
पुनीत गोयल, डिप्टी डायरेक्टर,
पेंच टाइगर रिजर्व
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