Sidhi news: फिर टूटा कैमोर मूड़ा पहाड़, बाल-बाल बचे मजदूर

फिर टूटा कैमोर मूड़ा पहाड़, बाल-बाल बचे मजदूर
निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

डिजिटल न्यूज़ सीधी

अमिलिया-हनुमना मुख्य मार्ग के बीच स्थित कैमोर मूड़ा पहाड़ एक बार फिर भरभराकर धराशायी हो गया। रविवार 4 अक्टूबर को शाम करीब 4 बजे निर्माणाधीन हिस्से के अचानक टूटकर गहरी खाई में समा जाने से मौके पर काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि मजदूरों ने समय रहते सुरक्षित स्थान की ओर भागकर अपनी जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि कुछ पल की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

बताया गया कि अतिवृष्टि के दौरान पहाड़ कई स्थानों से टूट गया था। इसके बाद प्रशासन ने मार्ग को प्रतिबंधित कर वैकल्पिक व्यवस्था की थी। सड़क निर्माण कंपनी GVR द्वारा करीब एक माह से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा था। रविवार को निर्माणाधीन हिस्सा अचानक टूट गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण करीब एक माह की मेहनत के बाद बनाया गया हिस्सा फिर से धराशायी हो गया।

निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश और मिट्टी के दबाव को देखते हुए मजबूत एवं वैज्ञानिक तरीके से निर्माण किया जाना चाहिए था। बावजूद इसके यदि निर्माणाधीन हिस्सा इतनी जल्दी टूट गया तो कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी की जांच जरूरी है।

प्रतिबंधित मार्ग पर दौड़ रहे वाहन

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों के मुताबिक मार्ग पर बैरिकेडिंग कर आवागमन प्रतिबंधित किया गया था और दोपहिया वाहनों को ही सीमित रूप से निकलने की अनुमति थी। शुरुआती दिनों में पुलिस की तैनाती भी की गई थी, लेकिन अब निगरानी कम होने से चार पहिया वाहन भी धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। ऐसे में पहाड़ का एक और हिस्सा टूटने की स्थिति में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

'बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?'

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल बैरिकेडिंग लगाकर जिम्मेदारी पूरी नहीं माननी चाहिए। जब तक निर्माण कार्य पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक मौके पर लगातार निगरानी और पुलिस व्यवस्था जरूरी है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए तथा मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोका जाए।

Created On :   5 Oct 2026 1:22 PM IST

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