घर के दरिंदे: दृष्टिबाधित बच्चे को पिता और दादी ने कुएं में दिया था धक्का, मां के साथ भी कर रहे थे यही साजिश - जांच में खुलासे के बाद दोनों गिरफ्तार

Third Party

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  • यावल में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला
  • हादसे का नाटक पुलिस जांच में बेनकाब
  • अंधे मासूम की कुएं में डूबने से नहीं, हत्या से हुई थी मौत

Yawal News. जहां निसंतान लोग ईश्वर के दरबार में संतान मांगते नही थकते वहीं एक जलगांव जिले की यावल तहसील के किंगांव शिवार में एक ऐसा मामला सामने आया, जहां दादी और पिता ने मिलकर साढ़े तीन वर्षीय दृष्टिबाधित मासूम को कुएं में धक्का दे दिया। जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे का अंधा होना पिता को रास नहीं आ रहा था, वो उसे बोझ समझ रहा था। पड़तात में पता लगा कि मासूम की हादसे में मौत नहीं हुई, जैसा की मामले को रंग दिया जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में मामला सुनियोजित हत्या का निकला। आरोप है कि बच्चे के पिता और दादी ने उसे कुएं में धक्का देकर मार डाला। वहीं उसकी मां को भी कुएं में धकेलकर हत्या करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

घटना सोमवार, 13 जुलाई को सुबह करीब 8.30 बजे खेत स्थित कुएं पर हुई। शिकायतकर्ता सरस्वती (27) अपने पति स्वप्निल भागवत पाटील (34) के साथ कुएं की पूजा करने गई थीं। आरोप है कि उसी दौरान सास आशाबाई पाटील ने सरस्वती और उसके साढ़े तीन वर्षीय बेटे कृष्णा को कुएं में धक्का दे दिया। सरस्वती कुएं के भीतर लकड़ी के सहारे लटककर अपनी जान बचाने में सफल रही, लेकिन मासूम कृष्णा की डूबने से मौत हो गई।

पूछताछ में खुला हत्या का राज

प्रारंभ में पुलिस ने इसे दुर्घटना मानते हुए आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। घटना के बाद मानसिक आघात में होने के कारण सरस्वती तत्काल बयान नहीं दे सकीं। हालांकि परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने दोबारा पूछताछ की। इस दौरान सरस्वती ने अपने पति और सास पर बेटे की हत्या तथा अपनी हत्या के प्रयास का आरोप लगाया। इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।

दृष्टिबाधित बच्चे के जन्म को लेकर था विवाद

पुलिस जांच के अनुसार, सरस्वती 70 प्रतिशत तथा उसके पति स्वप्निल 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं। गर्भावस्था के दौरान चिकित्सकों ने बच्चे के भी दृष्टिबाधित होने की आशंका जताई थी। आरोप है कि स्वप्निल गर्भपात कराने का दबाव बना रहा था, लेकिन सरस्वती ने बच्चे को जन्म दिया। इसी विवाद के कारण वह पिछले ढाई वर्षों से मायके में रह रही थी। पुलिस का प्राथमिक मानना है कि इसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।

यावल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या), 109(1) (हत्या का प्रयास) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी पति स्वप्निल पाटील और सास आशाबाई पाटील को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

Created On :   14 July 2026 10:38 PM IST

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