Bhai Dooj 2025: भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है ये त्योहार, इस विधि से करें पूजा, जानिए तिलक का शुभ मुहूर्त

भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है ये त्योहार, इस विधि से करें पूजा, जानिए तिलक का शुभ मुहूर्त

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सनातन धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक दिवाली के तीसरे दिन भाईदूज (Bhai Dooj) का पर्व मनाया जाता है, जो कि भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन चित्रगुप्त (Chitragupta) की भी पूजा की जाती है।। इसे भ्रातृ द्वितिया (Bhratri Dwitiya) के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, इस बार भाईदूज की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

20 अक्टूबर को दिवाली का पर्व मनाए जाने के कारण कई लोग 22 अक्टूबर को भाई दूज मान रहे हैं। वहीं कई ​लोगों का कहना है कि 23 अक्टूबर को यह पर्व मनाया जाएगा। आइए जानते हैं सही तिथि, पर्व का महत्व और पूजा विधि...

भाईदूज की सही तिथि और शुभ मुहूर्त

द्वितीया तिथि आरंभ: 22 अक्टूबर 2025, बुधवार की सुबह 08 बजकर 16 मिनट से

द्वितीया तिथि समापन: 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार की रात के 10 बजकर 46 मिनट तक

कब है भाई दूज: 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार के दिन मनाया बजकर 28 मिनट तक

भाईदूज पर्व का महत्व

भाईदूज का पर्व साल में दो बार आता है, लेकिन दिवाली के बाद आने वाली भाई दूज ज्यादा लोकप्रिय है। इस प्रथा को एक पौराणिक कथा से भी जोड़ा गया है। जिसके अनुसार, इस दिन स्वयं यम की बहन यमुना ने अपने भाई से वर मांगा था कि जो भी भाई इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद अपनी बहन के घर भोजन करता है उसको मृत्यु का भय ना रहे।

कैसे करें तिलक

- सुबह सूर्योदय के साथ ही स्नानादि से निवृत्त होने के बाद सूर्यदेव को जल चढ़ाएं।

- इसके बाद पूजा के स्थान को साफ करें और पूजा की तैयारी करें।

- भाई घर पर है तो उसके लिए खाना बनाएं और यदि भाई घर से बाहर है तो उसे भोजन के लिए आमंत्रित करें।

- पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई, सुपारी या सूखा गोला आदि रखें।

- पूजा में सबसे पहले भगवान गणेश और विष्णु जी को तिलक करें।

- अब चावल का चौक पूरकर लकड़ी के पाट पर भाई को उत्तर-पश्चिम दिशा में मुख करके बैठाएं।

- अब कुमकुम का टीका कर उसपर चावल लगाएं और कलावा बांधें।

- अब भाई का मुंह मीठा कराएं।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   20 Oct 2025 2:40 PM IST

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