Govardhan Puja 2025: गोवर्धन पूजा आज? जानिए इस दिन का महत्व और पूजा की विधि

गोवर्धन पूजा आज? जानिए इस दिन का महत्व और पूजा की विधि

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपाद तिथि यानि कि रोशनी के सबसे बड़े पर्व दीपावली के ठीक एक‌ दिन बाद गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) का पर्व मनाया जाता है। हालांकि, इस वर्ष दीपोत्सव पर्व की तिथि दो दिवसीय होने के चलते यह पर्व दिवाली के तीसरे दिन मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गोवर्धन पूजा का जिक्र श्रीमद्भभागवत पुराण, महाभारत और हरिवंश पुराण में मिलता है। इस दिन गाय, गिरिराज पर्वत, भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

इस त्योहार को उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र की पूजा की बजाय गोवर्धन की पूजा शुरू करवाई थी। इस दिन गोबर घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत की चित्र बनाकर पूजन किया जाता है। इस दिन गायों की सेवा का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं तिथि और पूजा विधि...

तिथि कब से कब तक

प्रतिपदा तिथि आरंभ: 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार की शाम 05 बजकर 54 मिनट से

प्रतिपदा तिथि समापन: 22 अक्टूबर 2025, बुधवार रात 8 बजकर 16 मिनट तक

गोवर्धन पूजा का महत्व

इस दिन सुबह-सुबह गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है। यह मनुष्य के आकार के होते हैं। गोवर्धन तैयार करने के बाद उसे फूलों और पेड़ों का डालियों से सजाया जाता है। गोवर्धन को तैयार कर इसकी पूजा की जाती है। इस पूजा में धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल, खील, बताशे आदि उपयोग किया जाता है। गोवर्धन में ओंगा यानि अपामार्ग की डालियां जरूर रखी जाती हैं।

पूजा विधि

- घर के द्वार पर गोबर से प्रतीकात्मक गोवर्धन पर्वत बनाएं।

- इस पर्वत के बीच में पास में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति रखें।

- अब गोवर्धन पर्वत और श्री कृष्ण को विधिन्न प्रकार के पकवानों व मिष्ठानों का भोग लगाएं।

- देवराज इंद्र, वरुण, अग्नि और राजा बलि की भी पूजा करें।

- पूजा के बाद कथा सुनें।

- प्रसाद के लिए दही और चीनी का मिश्रण बनाएं और सब में बांटे।

- इसके बाद ब्राह्मण को भोजन करवाकर उसे दान-दक्षिणा दें।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   20 Oct 2025 1:30 PM IST

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