Magh Mangal 2026: माघ महीने का मंगलवार है खास, व्रत रखने के साथ इस विधि से करें हनुमान जी की पूजा

माघ महीने का मंगलवार है खास, व्रत रखने के साथ इस विधि से करें हनुमान जी की पूजा
ऐसा कहा जाता है कि, इस महीने में आने वाले मंगलवार के दिन व्रत रखने के साथ ही पूरी विधि विधान से हनुमानजी की आराधना करना चाहिए।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हिन्दू पंचांग का माघ माह धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है। वहीं इस महीने में आने वाले मंगलवार काफी अहम होता है। ज्योतिषियों के अनुसार, माघ मास में मंगलवार उपासना का शास्त्रों में भी विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि, इस महीने में आने वाले मंगलवार के दिन व्रत रखने के साथ ही पूरी विधि विधान से हनुमानजी की आराधना करना चाहिए। ऐसा करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की सभी प्रकार की समस्याओं का अंत होता है और आपका जीवन सुखमय हो जाता है। आइए जानते हैं माघ मंगलवार की पूजा ​और व्रत के बारे में...

माघ मंगलवार व्रत का महत्व

धार्मिक दृष्टि से माघ माह के मंगलवार को हनुमान जी की भक्ति का महत्व बताया गया है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायक होता है। मंगलवार का व्रत विधिवत करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ मास में मंगलवार को भगवान श्रीराम भक्त हनुमान जी की उपासना करने से मोक्ष और चारों पुरुषार्थों की सहज प्राप्ति होती ही है। साथ ही जीवन की सभी समस्याओं समाप्त होती हैं और जीवन सुखमय हो जाता है।

कैसे करें व्रत और क्या है पूजा विधि

- इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत हों और साफ वस्त्र धारण करें।

- इसके बाद घर के पूजा मंदिर की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें।

- आप चाहें तो बजरंगबली के मंदिर जा सकते हैं या घर के मंदिर में ही एक चौकी में सिंदूरी वस्त्र बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं।

- सबसे पहले उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं और पंचामृत स्नान कराकर पुनः शुद्ध जल से स्नान कराएं।

- इसके बाद हनुमान जी को रोली, कुमकुम, अक्षत अर्पित करें।

- हनुमान जी को सिंदूर जरूर चढ़ाएं।

- हनुमान जी को गुड़ में तिल मिलाकर भोग लगाएं।

- अब हनुमान जी का कवच पाठ करें और फिर हनुमान चालीसा का पाठ करें।

- मंगलवार व्रत कथा स्वयं पढ़ें या सुनें।

- पूजा के अंत में हनुमान जी की आरती करें।

- सूर्यास्त के बाद हनुमान जी का ध्यान करते हुए व्रत खोलें।

- इस दिन अपनी क्षमतानुसार दान अवश्य करें।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   26 Jan 2026 2:58 PM IST

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