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माघ पूर्णिमा 2021: दांडा रोपिणी पूर्णिमा पर ऐसे करें पूजा, जानें मुहूर्त और महत्व

माघ पूर्णिमा 2021: दांडा रोपिणी पूर्णिमा पर ऐसे करें पूजा, जानें मुहूर्त और महत्व

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। माघ मास की पूर्णिमा माघी पूर्णिमा कही जाती है, इसे दांडा रोपिणी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माघ मास समाप्त हो जाएगा और फाल्गुन माह प्रारंभ होगा। इस वर्ष यह पूर्णिमा 27 फरवरी शनिवार को पड़ रही है। माघी पूर्णिमा पर स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि भगवान हरि इस दिन खुद गंगा जल में निवास करते हैं। 

स्कंद पुराण के अनुसार, पूर्णिमा के दिन यदि सत्यनारायण भगवान की पूजा की जाए तो उसे विष्णु जी की विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन सत्यनारायण की कथा पढ़नी चाहिए। इसके बाद सभी में प्रसाद वितरित करना चाहिए। पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।  

राशिफल 22 फरवरीसे 28 फरवरी 2021 तक

शुभ मुहूर्त-
पूर्णिमा आरंभ: 26 फरवरी, शुक्रवार शाम 03 बजकर 49 मिनट से
पूर्णिमा समाप्त: 27 फरवरी, शनिवार दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक

महत्व
ऐसा माना जाता है कि माघ महीने में सभी देवता पृथ्वी पर आते हैं। इस दिन वह सभी संगम पर स्नान, दान और जप करते हैं। इसी वजह से माघ पूर्णिमा मनाने लाखों भक्त इलाहाबाद के संगम पर पहुंचते हैं और यहां स्नान, मेले, जप, यज्ञ का आनंद लेते हैं। मान्यता है यह भी है कि इस दिन गंगा स्नान करने से दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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पूजा और व्रत विधि
- इस दिन गंगा स्नान करें।
- स्नान के बाद सूर्यदेव को प्रणाम करें।
- ॐ घृणि सूर्याय नमः मन्त्र का जाप करें।
- सूर्य को अर्घ्य दें। इसके बाद माघ पूर्णिमा व्रत का संकल्प लें।
- इसके बाद भगवान शिव और विष्णु की पूजा करें।
- पूजा के बाद दान दक्षिणा करें और दान में विशेष रूप से काले तिल प्रयोग करें। 
- काले तिल से ही हवन और पितरों का तर्पण करें।
- अनाज, वस्त्र, फल, बर्तन, घी, गुड़, जल से भरा घड़ा दान करें। ऐसा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलेगी।
- पितरों का श्राद्ध करें। इससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।
- इस दिन झूठ बोलने से बचें।

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