Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष में कैसे करें श्राद्ध? जानिए आसान विधि, तर्पण से पिंडदान तक की जरूरी सामग्री

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हिन्दू धर्म में पितृपक्ष या श्राद्ध का विशेष महत्व बताया गया है, जो कि हर वर्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक रहता है। पितृपक्ष में पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद कर श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। लेकिन श्राद्ध किस दिन करें, पूजा की शुरुआत कैसे करें, पिंडदान और तर्पण की सही विधि क्या है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए-इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है। आइए आसान भाषा में जानते हैं पितृपक्ष में श्राद्ध करने की आसान विधि और जरूरी नियम।
श्राद्ध के लिए जरूरी सामग्री
श्राद्ध की सामान्य पूजा के लिए बहुत अधिक सामग्री की जरूरत नहीं होती। परंपरा के अनुसार, इसके लिए कुश या दर्भ, काले तिल, साफ जल, अक्षत यानी चावल, जौ, फूल, चंदन, दीपक और धूप, पिंड बनाने के लिए पके हुए चावल और अन्य पारंपरिक सामग्री शामिल है। इसके अलावा ब्राह्मण भोजन और दक्षिणा आप अपनी क्षमतानुसार करा सकते हैं।
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श्राद्ध की पूरी विधि
- श्राद्ध के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें। पूजा स्थल को साफ करें और शांत मन से पूर्वजों का स्मरण करें।
- पूजा शुरू करने से पहले अपने पूर्वज का नाम, गोत्र और उनके निमित्त श्राद्ध करने का संकल्प लें।
- संकल्प की सही मंत्र-विधि परिवार की परंपरा या आचार्य के निर्देश के अनुसार की जा सकती है।
- तर्पण के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- हाथ में कुशा घास, काले तिल और जल लेकर पितरों का नाम-गोत्र स्मरण करते हुए जल अर्पित करें।
- पितरों को जल देते समय हाथ की अंगुलियों के बीच से जल गिराएं।
- पके हुए चावल आदि से बनए गए पिंड विधिपूर्वक पितरों को अर्पित करें।
- श्राद्ध कर्म पूरा होने पर पितरों का स्मरण करें और परिवार की सुख-शांति तथा पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करें।
ब्राह्मण भोजन और दान
श्राद्ध के लिए सात्विक भोजन तैयार किया जाता है। परिवार की परंपरा के अनुसार भोजन को पितरों के निमित्त अर्पित किया जाता है और ब्राह्मण भोजन कराया जाता है। श्रद्धा के अनुसार ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा और जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।
डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष, वास्तुशास्त्री) की सलाह जरूर लें।
Created On :   30 Sept 2026 4:54 PM IST










