Vamana Jayanti 2026: इस विधि से करें श्रीहरि के वामन अवतार की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त

इस विधि से करें श्रीहरि के वामन अवतार की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त
पुराणों के अनुसार, श्रीहरि भगवान विष्णु ने सृष्टि को बुरी ताकतों से बचाने और धर्म की रक्षा के लिया यह अवतार लिया था। इसे

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को वामन जयंती (Vamana Jayanti) मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने अपने पांचवें अवतार भगवान वामन के रूप में जन्म लिया था। इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल वामन जयंती (Vamana Jayanti) 23 सितंबर, बुधवार को मनाई जा रही है। द्वादशी तिथि को मनाए जाने के कारण इसे वामन द्वादशी(Vaman Dwadashi) के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का महत्व, पूजा विधि और मुहूर्त के बारे में...

वामन जयंती का महत्व

पुराणों के अनुसार, वामन देव का जन्म माता अदिति व कश्यप ऋषि के पुत्र के रूप में हुआ था। यह श्रीहरि भगवान विष्णु का ही एक अवतार था, जो सृष्टि को बुरी ताकतों से बचाने और धर्म की रक्षा के लिया गया था। इसे 10 अवतारों में से पांचावं अवतार है, जो जगत के पालनहार ने पृथ्वी को राजा बालि के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए लिया था।

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण करके राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी। मान्यता है कि वामन देव ने पहले पग में पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश नाप लिया। तीसरे पग के लिए राजा बलि ने अपना सिर प्रस्तुत किया। इस कथा को धर्म, विनम्रता, दान और अहंकार पर नियंत्रण का संदेश देने वाली कथा के रूप में देखा जाता है।

कब है वामन जयंती 2026?

द्वादशी तिथि प्रारंभ: 22 सितंबर 2026, मंगलवार के दिन रात में 9 बजकर 44 मिनट से

द्वादशी तिथि समापन: 23 सितंबर, 2026 बुधवार की रात 10 बजकर 51 मिनट तक

इस विधि से करें पूजा

- इस दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और साफ वस्त्र पहनें।

- पूजा स्थल की साफ-सफाई करके चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं।

- भगवान विष्णु या भगवान वामन की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।

- दीपक और धूप जलाकर भगवान का ध्यान करें।

- भगवान को पीले फूल, तुलसी के पत्ते और फल अर्पित करें।

- दही, चावल और मिश्री का भोग लगाएं।

- पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। आप “ॐ नमो भगवते वामनाय” मंत्र का जाप कर सकते हैं।

- वामन अवतार की कथा पढ़ें या सुनें।

- अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखें और जरूरतमंद लोगों को दान करें।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   22 Sept 2026 6:02 PM IST

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