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 उद्योगों को बिल में छूट देने पर करो विचार -महिला के फ्लैट का कब्जा तत्काल दिलाएं सीएसपी

 उद्योगों को बिल में छूट देने पर करो विचार -महिला के फ्लैट का कब्जा तत्काल दिलाएं सीएसपी

डिजिटल डेस्क जबलपुर । भोपाल के मण्डीदीप में स्थित औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को लॉकडाउन की अवधि के बिजली बिलों में छूट प्रदान करने संबंधी 27 मार्च को दिए आवेदन का निराकरण करने के आदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए हैं। जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के बाद यह निर्देश देकर एसोसिएशन ऑफ ऑल इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की याचिका का निराकरण कर दिया। इस याचिका में कहा गया था कि बीते मार्च माह से घोषित लॉकडाउन में उनके सदस्यों के उद्योग बंद हैं ऐसे में 15 जून तक की अवधि तक बिजली बिलों में राहत देने और फिक्स चार्ज माफ करने के निर्देश सरकार को दिए जाएं। सुनवाई के दौरान एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता आदित्य नारायण शर्मा और सरकार की ओर से महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव व शासकीय अधिवक्ता राजेश्वर राव और सिद्धार्थ शर्मा ने दलीलें रखीं।
महिला के फ्लैट का कब्जा तत्काल दिलाएं सीएसपी
जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने भोपाल की एक महिला की याचिका पर उसके सील किए गए फ्लैट का कब्जा तत्काल सौंपने के आदेश वहां के सीएसपी को दिए हैं। फ्लैट को सील करने की कार्रवाई की वैधता के मुद्दे पर युगलपीठ ने अनावेदकों को तीन सप्ताह में जवाब पेश करने कहा है। भोपाल में रहने वाली हिना इब्राहिम की ओर से दायर इस याचिका में आरोप है कि उसके पति अनम इब्राहिम पत्रकार हैं और उनके द्वारा अफसरों के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने की वजह से उनके फ्लैट को सील किया गया, जो अवैधानिक है। मामले पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डॉ. रश्मि पाठक ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल फिलहाल बैतूल में अपने परिजनों के साथ रह रही है। कब्जा पाने के लिए उसे भोपाल जाना पड़ेगा। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता ए राजेश्वर राव ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता संबंधित सीएसपी के समक्ष जाती हैं, तो उनके फ्लैट का कब्जा विधि अनुसार प्रदान करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शोभा ओझा को हटाने पर यथास्थिति
राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से शोभा ओझा को हटाए जाने के मामले पर जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मामले पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता ए राजेश्वर राव ने दलीलें रखीं।
 फैसले से बाध्य होगी प्रशासक की नियुक्ति
मप्र राज्य सहकारी बैंक मर्यादित में प्रशासक के पद से अशोक सिंह को हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने कहा है कि इस पद पर होने वाली कोई भी नियुक्ति इस मामले पर होने वाले फैसले के अधीन रहेगी। यह याचिका 25 मार्च के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई है, जिसके तहत अशोक सिंह को प्रशासक के पद से हटाया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और अधिवक्ता हिमान्शु मिश्रा ने पक्ष रखा।
 

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