परीक्षा प्रणाली और सवाल: JEE (एडवांस्ड) परीक्षा देने वाले छात्रों के डेटा में सेंध लगाने वाली खबरें झूठी, IIT Roorkee के स्पष्टीकरण के बाद शिक्षा मंत्रालय और पीआईबी ने खबरों को बताया गलत

JEE (एडवांस्ड) परीक्षा देने वाले छात्रों के डेटा में सेंध लगाने वाली खबरें झूठी, IIT Roorkee के स्पष्टीकरण के बाद शिक्षा मंत्रालय और पीआईबी ने खबरों को बताया गलत
IIT Roorkee ने खबरों को गुमराह करने वालीऔर तथ्यों के हिसाब से गलत बताया हैं। सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी गुमराह करने वाली है और असल में जो हुआ, उसे सही ढंग से नहीं दिखाती। गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है, जो सच्चाई से बहुत दूर है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। JEE (एडवांस्ड) परीक्षा देने वाले छात्रों के डेटा में सेंध और प्राइवेसी के उल्लंघन को लेकर कई गुमराह करने वाली और तथ्यों के लिहाज से गलत रिपोर्टें आई हैं। इसे लेकर आईआईटी रूड़की के स्पष्टीकरण के बाद शिक्षा मंत्रालय और पीआईबी उत्तराखंड ने जानकारी दी। IIT Roorkee ने इस संबंध में लगातार तीन पोस्ट एक्स पर साझा की है। IIT Roorkee की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, मंत्रालय फिर से कहता है कि किसी भी संवेदनशील जानकारी से कोई समझौता नहीं हुआ है, और परीक्षा के नतीजे, मार्क्स और उम्मीदवारों की जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित और सही-सलामत हैं।




इससे पहले IIT Roorkee ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा है JEE (एडवांस्ड) के लाखों उम्मीदवारों के डेटा में सेंध और प्राइवेसी के उल्लंघन के दावे गुमराह करने वाले और तथ्यों के हिसाब से गलत हैं। सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी गुमराह करने वाली है और असल में जो हुआ, उसे सही ढंग से नहीं दिखाती। गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है, जो सच्चाई से बहुत दूर है।

2 जून 2026 को, उन उम्मीदवारों की मदद के लिए तेज़ी से कुछ तकनीकी बदलाव किए गए जिन्हें एडमिट कार्ड का डेटा देखने में दिक्कत हो रही थी और ताकि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। इन बदलावों के कारण क्लाउड स्टोरेज के एक हिस्से में थोड़ी देर के लिए गलत कॉन्फ़िगरेशन (misconfiguration) हो गया। एक एथिकल हैकर, मिस्टर राइलेन अनिल ने इस गलत कॉन्फ़िगरेशन की पहचान की और बताया कि वे संबंधित डेटाबेस तक पहुँच सकते हैं। इस समस्या को तुरंत ठीक कर दिया गया और डेटा तक पहुँच को सीमित कर दिया गया।

प्रभावित स्टोरेज 'रीड-ओनली' था, यानी किसी भी डेटा को एडिट या डिलीट नहीं किया जा सकता था। क्लाउड एक्सेस लॉग के विश्लेषण से पुष्टि हुई कि कोई बल्क डाउनलोड नहीं हुआ (रीड-ओनली एक्सेस 0.05% से भी कम डेटा तक सीमित था)। किसी भी संवेदनशील जानकारी से समझौता नहीं किया गया और न ही बड़े पैमाने पर डेटा निकाला गया। इस घटना का परीक्षा के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ा, जिसमें उम्मीदवारों के मार्क्स, रैंक और कैटेगरी शामिल हैं।

IIT रुड़की JEE (एडवांस्ड) और JoSAA काउंसलिंग प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तकनीकी घटना को गलत तरीके से पेश करने और परीक्षा प्रणाली में जनता के भरोसे को कम करने की जानबूझकर की गई कोशिशें बहुत चिंताजनक हैं और इन्हें हतोत्साहित किया जाना चाहिए। JEE (एडवांस्ड) टीम IIT और IISc में सुचारू और सुरक्षित एडमिशन प्रक्रिया के माध्यम से हर उम्मीदवार की मदद करने के लिए तत्पर है।

Created On :   5 Jun 2026 6:59 PM IST

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