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कोरोना का फुटबॉल पर असर: बार्सिलोना के 7 और यूक्रेन क्लब के 25 खिलाड़ी और स्टाफ पॉजिटिव

कोरोना का फुटबॉल पर असर: बार्सिलोना के 7 और यूक्रेन क्लब के 25 खिलाड़ी और स्टाफ पॉजिटिव

हाईलाइट

  • बार्सिलोना के 5 खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ के 2 सदस्य कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए
  • यूक्रेन में भी एक फुटबॉल क्लब करपाती लवीव के 25 खिलाड़ी और अन्य स्टाफ संक्रमित

डिजिटल डेस्क, मेड्रिड। स्पेनिश लीग ला लीगा के क्लब बार्सिलोना के 5 खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ के 2 सदस्य कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बार्सिलोना क्लब के करीबी कैटलान रेडियो स्टेशन आरएसी 1 ने मंगलवार को बताया कि, ला लीगा ने मई में खिलाड़ियों का कोविड-19 टेस्ट किया था। रेडियो स्टेशन ने हालांकि अपनी खबर में किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ के नाम का जिक्र नहीं किया है। वहीं, यूक्रेन में भी एक फुटबॉल क्लब करपाती लवीव के 25 खिलाड़ी और अन्य स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं।

बार्सिलोना और रियल मालोर्का के बीच 13 जून को होगा मैच
इससे एक दिन पहले ही लीग के क्लबों को अपनी पूरी टीम के साथ अभ्यास करने की अनुमति दी गई थी। हाल ही में ला लीगा के पहले 2 राउंड के मैचों की तारीखों का एलान किया गया था। बार्सिलोना की टीम 13 जून को घर से बाहर रियल मालोर्का के खिलाफ होने वाले मुकाबले से अपने खिताब बचाओ अभियान की शुरूआत करेगा।

लीग के पहले मुकाबले में सेविला का सामना रियल बेटिस से होगा
कोविड-19 महामारी के कारण मार्च में लीग स्थगित कर दी गई थी और अब 11 जून से फिर से इसकी शुरूआत होने जा रही है। लीग के फिर से बहाल होने के बाद 11 जून को पहले मुकाबले में सेविला का सामना रियल बेटिस से होगा। वहीं, मौजूदा चैंपियन बार्सिलोना की टीम 13 जून को घर से बाहर रियल मालोर्का के खिलाफ होने वाले मुकाबले से अपने खिताब बचाओ अभियान की शुरूआत करेगा। बार्सिलोना इसके बाद 16 जून को लेगनेस की मेजबानी करेगा जबकि 18 जून को रियल मेड्रिड की टीम अपने घर में वालेंसिया से भिड़ेगी। लीग के सभी मुकाबले बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे।

यूक्रेन प्रीमियर लीग के क्लब करपाती लवीव के 25 खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव
वहीं यूक्रेन की फुटबॉल प्रीमियर लीग के मुताबिक, क्लब करपाती लवीव के 65 लोगों (खिलाड़ी और स्टाफ) का कोरोना टेस्ट कराया गया था। इसमें से 25 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद पूरी टीम 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन में रह रही है। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोक दिया गया है। लवीव के अगले हफ्ते में दो मैच होने हैं, जिन्हें रद्द कर दिया गया है। कोरोना के बाद पिछले हफ्ते ही बगैर दर्शकों प्रीमियर लीग शुरू की गई थी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।