FIFA WC 2026: 43वीं रैंक वाली कांगो ने चौंकाया, पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोका, एक भी गोल नहीं कर सके रोनाल्डो

43वीं रैंक वाली कांगो ने चौंकाया, पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोका, एक भी गोल नहीं कर सके रोनाल्डो
फीफा वर्ल्डकप 2026 में छोटी टीमें बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दे रही हैं। बुधवार को खेले गए कांगो और पुर्तगाल के मैच में भी यह देखने को मिला। 43वीं रैंक वाली कांगो गणराज्य ने सुपरस्टार फुटबॉलर क्रिस्टीयानो रोनाल्डो की कप्तानी वाली पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोक दिया।

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में छोटी टीमें बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दे रही हैं। बुधवार को खेले गए कांगो और पुर्तगाल के मैच में भी यह देखा गया। 43वीं रैंक वाली कांगो ने सुपरस्टार फुटबॉलर क्रिस्टीयानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोक दिया। रोनाल्डो, जिन पर सबकी नजरें थीं, वो एक भी गोल नहीं कर सके।

ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-K के इस मैच में पुर्तगाल ने अच्छी शुरुआत की। जाआओ नेवेस छठे मिनट में गोल कर टीम को मैच में 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद पहले हाफ के इंजरी टाइम में कांगो ने शानदार वापसी की। आर्थर मासुआकु के क्रॉस पर टीम के योआने विसा ने हेडर लगाकर गोल किया और स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया।

मैच के पहले ऐसा माना जा रहा था कि पुर्तगाल जैसी मजबूत टीम कांगो को आसानी से हरा देगी। लेकिन 52 साल बाद विश्वकप में वापसी कर रही कांगो ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। वहीं, इस ड्रॉ के बाद पुर्तगाल को यदि अगले मुकाबले में पहुंचना है तो उसे अपने बाकी बचे मैच जीतने ही होंगे। टीम 23 जून को उज्बेकिस्तान और 28 जून को कोलंबिया से भिड़ेगी।

कांगो का पहला वर्ल्ड कप गोल

कांगो का यह अपने वर्ल्ड कप इतिहास का पहला गोल है। टीम 52 साल बाद वर्ल्ड कप खेल रही है। इससे पहले वह 1974 में जायर नाम से इस मेगा इवेंट में शामिल हुई थी, लेकिन तब टीम कोई गोल नहीं कर सकी थी। टीम के लिए पहला गोल करने की उपलब्धि योआने विसा ने अपने नाम कर ली। उन्होंने मैच के बाद कहा, '52 साल बाद हम फिर वर्ल्ड कप में लौटे हैं। यह गोल मेरे, मेरे परिवार और पूरे कांगो के लिए बेहद खास है।'

फीका रहा रोनाल्डो का प्रदर्शन

मैच में पुर्तगाल के कप्तान रोनाल्डो का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। वह पूरे समय गोल की तलाश में रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। रोनाल्डो को मैच के 68वें और 73वें मिनट में गोल करने के दो अच्छे मौके भी मिले, पर वो उन्हें भुना नहीं सके। दोनों ही बार उनका शॉट गोलपोस्ट में नहीं समा सका।

हालांकि मैच के दौरान रोनाल्डो के नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई, वह वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के दूसरे उम्रदराज (41 साल 132 दिन) खिलाड़ी बने। इस मामले में पहले स्थान पर कैमरून के रोजर मिल्ला हैं, जिन्होंने 1994 का फीफा वर्ल्ड कप 42 साल 39 दिन में खेला था।

Created On :   18 Jun 2026 6:29 PM IST

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