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Laptop: Lenovo Ideapad Slim 3i अल्ट्रा-स्लिम लैपटॉप भारत में लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

Laptop: Lenovo Ideapad Slim 3i अल्ट्रा-स्लिम लैपटॉप भारत में लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीनी कंपनी Lenovo (लेनोवो) ने भारतीय बाजार में अपना नया लैपटॉप लॉन्च कर दिया है। यह एक अल्ट्रा स्लिम लैपटॉप है, जिसे Ideapad Slim 3i (इडिपैड स्लिम 3i) नाम दिया गया है। यह दो स्क्रीन साइजेज- 14 इंच और 15 इंच में उपलब्ध है। खास बात यह कि intel Core 10th Gen प्रोसेसर के साथ आने वाले इस लैपटॉप की कीमत बेहद कम है। इसे कंपनी ने 26,990 रुपए की शुरुआती कीमत में बाजार में उतारा है। वहीं इसके हाई एंड वेरिएंट की कीमत 40,990 रुपए है।

यह लैपटॉप दो कलर ऑप्शन्स प्लेटिनम ग्रे और अबेस ब्लू में उपलब्ध है। इस लैपटॉप को ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon.in और Lenovo के आधिकारिक ई-स्टोर से खरीदा जा सकता है। आइए जानते हैं इस लैपटॉप की स्पेसिफिकेशन और फीचर्स...

HP ने भारत में लॉन्च किए दो नए इंटेल लैपटॉप, जानें कीमत और फीचर्स 

स्पेसिफिकेशन 
Lenovo Ideapad Slim 3i लैपटॉप 14 इंच और 15 इंच की डिस्प्ले ऑप्शन्स के साथ आता है। इसका डिजाइन बेहद ही पतला है, जिससे ये देखने में अट्रैक्टिव लगता है और इसका वजन महज 1.6 किलोग्राम है। इसमें कोरोटाना सपोर्ट दिया गया है।

यह लैपटॉप 12GB तक DDR4 रैम और 1TB तक के ड्यूल स्टोरेज हार्ड डिस्क ड्राइव को भी सपोर्ट करता है। इसमें Q कंट्रोल टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे यूजर्स मैक्स मोड और स्टील्थ मोड में स्वीच कर सकता है। इसमें डॉल्वी ऑडियो सिस्टम का सपोर्ट भी मिलता है। 

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कनेक्टिविटी के लिए इस लैपटॉप में Wi-Fi 6 फीचर दिया गया है। इसमें दो USB 3.1 पोर्टस दिए गए हैं, जिसकी मदद से तेजी से डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है। साथ ही इसमें एक HDMI पोर्ट, एक USB 2.0 पोर्ट, एक SD कार्ड रीडर स्लॉट और 3.5mm ऑडियो जैक (हेडफोन और माइक कॉम्बो) दिए गए हैं। बैटरी पावर की बात करें तो यह 7.5 घंटे का बैटरी बैक-अप देन में सक्षम है। 

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Neeraj June 11th, 2020 13:16 IST

आदरणीय श्री, जहां एक तरफ चीन का बॉयकाट का चलन है और वहीं आपलोग चीनी प्रोड्क्ट को प्रोमोट कर रहे हैं ।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।