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Nokia 3.4 और Nokia Power Earbuds Lite की प्री-बुकिंग शुरू, मिल रहे हैं ये शानदार ऑफर्स

Nokia 3.4 और Nokia Power Earbuds Lite की प्री-बुकिंग शुरू, मिल रहे हैं ये शानदार ऑफर्स

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एचएमडी ग्लोबल के स्वामित्व वाली Nokia (नोकिया) कंपनी ने बीते दिनों Nokia 5.4 और Nokia 3.4 स्मार्टफोन लॉन्च किया था। इसके अलावा कंपनी ने Nokia Power Earbuds Lite (नोकिया पावर इयरबड्स लाइट) को भी बाजार में उतारा था। इनमें से Nokia 3.4 और इयरबड्स की प्री-बुकिंग Nokia.com पर शुरू हो गई है। 

बता दें कि Nokia 3.4 को 4GBरैम और 64GB स्टोरेज वेरियंट के साथ बाजार में उतारा गया है। जिसकी कीमत 11,999 रुपए रखी गई है। यह फोन चारकोल, डस्क और फजॉर्ड कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। वहीं इयरबड्स की कीमत 3,500 है। जो कि स्नो और चारकोल कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

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ऑफर्स
यदि आप Nokia 3.4 और Nokia Power Earbuds Lite को एक साथ खरीदते हैं तो कंपनी की तरफ से आपको 1600 रुपए का डिस्काउंट दिया जाएगा। यह ऑफर 19 फरवरी तक मानय होगा। इसके अलावा जियो ग्राहकों को Nokia 3.4 की खरीदी पर 4000 रुपए तक का फायदा मिल सकता है। 

Nokia 3.4 हुआ लॉन्च स्पेसिफिकेशन
इस स्मार्टफोन में 6.39-इंच एचडी+ डिस्प्ले दी गई है, जो कि 720x1560 पिक्सल का रेजॉल्यूशन देती है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। Nokia 3.4 एंड्रॉयड 10 पर चलता है, जिसे भी भविष्य में एंड्रॉयड 11 अपडेट मिल सकता है। 

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फोटोग्राफी के लिए इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 5 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल शूटर और 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर शामिल है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इस फोन में 8 मेगापिक्सल का फ्रंंट कैमरा दिया गया हे, जो कि होल-पंच कटआउट डिजाइन के साथ दिया गया है। 

फोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 460 चिपसेट दिया गया है। इसमें दी गई स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड की सहायता से 512GB तक बढ़ाया जा सकता है। पावर बैकप के लिए इस फोन में 4,000 mAh की बैटरी दी गई है, जो 5 वॉट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।