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टेक: Realme 6 और 6 Pro इस सप्ताह पहली बार होंगे बिक्री के लिए उपलब्ध, जानें इनकी खूबियां

टेक: Realme 6 और 6 Pro इस सप्ताह पहली बार होंगे बिक्री के लिए उपलब्ध, जानें इनकी खूबियां

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीनी कंपनी Realme (रियलमी) ने भारत में बीते दिनों Realme 6 (रियलमी 6) सीरीज को लॉन्च किया था। जिसमें Realme 6 (रियलमी6) और 6 Pro (रियलमी 6 प्रो) स्मार्टफोन शामिल हैं। मिड रेंज में आने वाले ये दोनों ही स्मार्टफोन 64 मेगापिक्सल के AI क्वाड रियर कैमरा सेटअप से लैस हैं। इन दोनों स्मार्टफोन्स को इस सप्ताह पहली बार सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल ये दोनों स्मार्टफोन प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध हैं। 

Realme 6 को 11 मार्च को सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं Realme 6 Pro को 13 मार्च को पहली बार सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। Realme 6 और Realme 6 Pro को कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट के अलावा ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart के माध्यम से खरीदा जा सकेगा। आइए जानते हैं दोनों स्मार्टफोन की कीमत और फीचर्स...

Realme ने भारत में लॉन्च किया अपना पहला फिटनेस बैंड

कीमत
Realme 6 की शुरुआती कीमत 12,999 रुपए है, यह कीमत 4GB रैम+ 64GB स्टोरेज वेरिएंट की है। वहीं इसके 6GB रैम+ 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 14,999 और 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपए है। फोन दो कलर ऑप्शन्स Comet Blue और Comet White में उपलब्ध है। 

बात करें Realme 6 Pro की कीमत की तो यह फोन भी तीन स्टोरेज ऑप्शन्स के साथ आता है। जिसके तहत इसकी कीमत तय की गई है। इसके 6GB रैम + 64GB स्टोजेर वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपए रखी गई है। वहीं इसके 6GB रैम + 128GB स्टोरेज की कीमत 17,999 और 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 18,999 है। फोन दो कलर ऑप्शन्स Lightning Blue और Lightning Orange में उपलब्ध है।  

डिस्प्ले
दोनों स्मार्टफोन 90Hz रिफ्रेश रेट वाले अल्ट्रा स्मूद डिस्प्ले के साथ आते हैं। Realme 6 Pro में 6.6 इंच की फुल एचडी डिस्प्ले पंच-होल इन-डिस्प्ले दी गई है। जो कि 1080x2400 पिक्स्ल का रेज्यूलेशन देती है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 20:9 है और स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 90.6 प्रतिशत है। इसकी स्क्रीन को गोरिल्ला ग्लास 5 की सुरक्षा दी गई है।  

वहीं Realme 6 में 6.5 इंच की फुल एचडी डिस्प्ले पंच-होल इन-डिस्प्ले मिलती है। यह डिस्प्ले भी 1080x2400 पिक्स्ल का रेज्यूलेशन देती है। इसका स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 90.5 प्रतिशत है। इसकी स्क्रीन को गोरिल्ला ग्लास 3 की सुरक्षा दी गई है।  

10 हजार रुपए से कम कीमत में मिलते हैं ट्रिपल कैमरा वाले ये फोन

कैमरा
फोटोग्राफी के लिए दोनों ही स्मार्टफोन्स 64 मेगापिक्सल का AI क्वाड रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसके अलावा 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड सेंसर, 2 मेगापिक्सल का माइक्रो सेंसर और 2 मेगापिक्सल का B&W कैमरा दिया गया है। जबकि Realme 6 Pro में 64 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा सेंसर, 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड सेंसर, 12 मेगापिक्सल का टेलिफोटो लेंस और 2 मेगापिक्सल का मैक्रो लेंस दिया गया है।

सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए Realme 6 Pro फोन में ड्यूल इन-डिस्प्ले कैमरा दिया गय है। इसमें 16 मेगापिक्सल का वाइड एंगल प्राइमरी सेंसर और 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल प्राइमरी सेंसर दिया गया है। जबकि Realme 6 में 16मेगापिक्सल का इन-डिस्प्ले सेल्फी कैमरा दिया गया है।

प्लेटफार्म/ प्रोसेसर
दोनों स्मार्टफोन Android 10 पर आधारित Realme UI 1.0 पर रन करते हैं। Realme 6 में MediaTek Helio G90T गेमिंग प्रोसेसर दिया गया है। जबकि Realme 6 Pro में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 720G प्रोसेसर दिया गया है। इस प्रोसेसर के साथ आने वाला ये दुनिया का पहला स्मार्टफोन है।

बैटरी 
पावर के लिए दोनों ही स्मार्टफोन्स में 4,300mAh की बैटरी दी गई है। दोनों ही हैंडसेट में 30W की फ्लैश चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है। के साथ आते हैं।  

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।