एक्शन में ट्रंप प्रशासन!: अमेरिकी सैन्यकर्मियों के दर्जनों परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया, इस मामले में की कार्रवाई

अमेरिकी सैन्यकर्मियों के दर्जनों परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया, इस मामले में की कार्रवाई
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बयानों और कामों को लेकर सुर्खियों में बन रहते हैं। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सैन्यकर्मियों के परिवारों के खिलाफ कार्रवाई की है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बयानों और कामों को लेकर सुर्खियों में बन रहते हैं। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सैन्यकर्मियों के परिवारों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसकी काफी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना के जवानों के माता-पिता पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है। इनके अलावा उनके जीवनसाथियों को भी गिरफ्तार किया गया है। जिनकी संख्या दर्जनों बताई जा रही है।

इमिग्रेशन क्रैकडाउन अभियान

एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने विस्तार से इमिग्रेशन क्रैकडाउन अभियान चलाया है। इसके जरिए अमेरिकी सेना में सक्रिय कर्मियों के दर्जनों माता-पिता और उनके जीवनसाथियों को हिरात में ले लिया है। रिपोर्ट में आगे बताया कि प्रशासन की यह कार्रवाई दशकों पुरानी उस बाई-पार्टिसन प्रथा के खिलाफ है, जिसके तहत आमतौर पर सैन्य परिवारों को इमिग्रेशन से बचाव का काम करता था।

हिरासत में इतने परिवारों के सदस्य

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि जनवरी, 2025 में डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल में लौटे थे। इसके बाद से अब तक ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सेना में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 51 परिवारों के सदस्यों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसके अलावा कम से कम 6 लोगों को पहले ही डिपोर्ट किया जा चुका है। वहीं, बताया जा रहा है कि 8 परिवारों के सदस्य फेडरल इमिग्रेशन कस्टडी में है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका सरकार ने ऐसे मामलों के रिकॉर्ड आधिकारिक तौर पर साझा नहीं किए हैं।

दशकों पहले बनी थीं ये व्यवस्था?

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अमेरिका की दोनों सबसे बड़ी पार्टियों की सहमति से कई दशक पहले नई व्यवस्था बनाई थी, जिसके तहत अमेरिकी सेना में सक्रिय कार्यरत कर्मियों के परिजनों के मेंबर्स को आमतौर पर इमिग्रेशन की कार्रवाई के दौरान डिपोर्टेशन से सुरक्षा दी जाती थी। हालांकि, न्यूज एजेंसी एपी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अब तक कई लोगों महीनों से हिरासत में रखा गया है।

Created On :   5 Aug 2026 11:22 PM IST

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