Strait Of Hormuz: अमेरिका के 60 दिन के राहत देने वाले फैसले पर भारत ने दी बड़ी जानकारी, बताया 11 जहाज होर्मुज से गुजरे, जानें कितना कच्चा तेल आएगा देश?

अमेरिका के 60 दिन के राहत देने वाले फैसले पर भारत ने दी बड़ी जानकारी, बताया 11 जहाज होर्मुज से गुजरे, जानें कितना कच्चा तेल आएगा देश?
विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि 17 जून को एमओयू पर साइन होने के बाद अब 11 बड़े जहाज भारत आने वाले हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और संघर्ष थमने के बाद समुद्री ट्रेड फिर से शुरू होता नजर आ रहा है। भारत सरकार ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आने-जाने वाले जहाजों को लेकर बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि इस अहम समुद्री मार्ग पर भारतीय जहाजों की आवाजाही अब सामान्य तरीके से हो रही है। इसको लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी साझा की है।

क्या बोले रणधीर जायसवाल?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस समय भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अब भी पर्शियन गल्फ इलाके में मौजूद हैं। वहीं 2 अन्य भारतीय टैंकर हाल ही में इस क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहाजों का दोनों दिशाओं में लगातार आना-जाना इस बात का संकेत है कि हालात पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 17 जून के बाद से भारत की तरफ आने वाले 11 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं। इनमें भारतीय झंडे वाले 3 बड़े कच्चे तेल के टैंकर भी शामिल हैं। हर टैंकर में करीब 2,85,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल मौजूद है, जो भारत लाया जा रहा है।

इसके अलावा 1 विदेशी एलपीजी जहाज, 1 विदेशी कच्चा तेल टैंकर और खाद लेकर आ रहे 6 विदेशी मालवाहक जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि क्षेत्र में मौजूद बाकी भारतीय जहाज भी जल्द ही सुरक्षित रूप से इस रास्ते को पार कर लेंगे।

कतर हादसे में 12 भारतीयों की मौत पर जताया दुख

इस बीच कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र स्थित गैस संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट पर भारत ने गहरा शोक व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, विभिन्न देशों के लगभग 66 लोग इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितने भारतीय शामिल हैं। भारत सरकार स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों की पहचान, पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने और प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता करने में जुटी हुई है।

Created On :   23 Jun 2026 7:50 PM IST

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