रास लाफान विस्फोट: कतर से 8 और भारतीयों के शव स्वदेश आए, अब तक भारत पहुंचे 12 शव

कतर से 8 और भारतीयों के शव स्वदेश आए, अब तक  भारत पहुंचे 12 शव
बरजान गैस आपूर्ति केंद्र में हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 12 भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल। जबकि 66 लोग घायल हुए हैं।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र में स्थित बरजान गैस आपूर्ति केंद्र में हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई, दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में कहा रास लाफान दुर्घटना में दुर्भाग्य से जान गंवाने वाले आठ भारतीय नागरिकों के शव 26 जून को भारत भेज दिए गए। इससे पहले 25 जून को 4 शव भारत भेजे गए थे।

मिली जानकारी के अनुसार जिनमें से 12 भारतीय और 1 पाकिस्तान नागरिक बताए जा रहे है। आज 8 भारतीय नागरिकों के शव स्वेदश पहुंच गए है, बीते दिन चार शव भारत भेजे गए थे। यानी अब तक कुल 12 भारतीय नागरिकों के शव भारत पहुंच गए है। शवों की स्वदेश वापसी में मदद के लिए दूतावास ने कतर सरकार और अन्य एजेंसियों का आभार जताया।

गैस आपूर्ति केंद्र में हुए विस्फोट में 66 लोग घायल हुए हैं। भारतीय दूतावास ने हादसे में घायल मजदूर लोगों से मुलाकात की और कहा कि सभी को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है।

आपको बता दें कुछ दिन पहले कतर के रास लफान औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक गैस संयंत्र में संचालन शुरू करने के दौरान एक बड़ा धमाका हुआ था। जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी, कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई लोग लापता हो गए थे। सूचना मिलने पर सिविल डिफेंस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गई। और राहत एवं बचाव कार्य तेजी के साथ शुरू कर दिया ,घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, कई घायलों का मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है। शासन-प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हालफिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे है।

यह क्षेत्र कतर का मुख्य प्राकृतिक गैस निर्यात टर्मिनल है। गैस प्लांट में धमाके से चिंता की वजह इसलिए बना हुआ है क्योंकि रास लाफान कतर के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक है और कतर के गैस उत्पादन तथा निर्यात में इसकी बड़ी भूमिका है। जिससे इस पर पूरी दुनिया की नजर है। इतने बड़े धमाके के बाद गनीमत रही कि किसी प्रकार का गैस रिसाव नहीं हुआ है जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता था। खाड़ी देश में हुए इस बड़े ब्लास्ट का कारण कोई युद्ध नहीं बल्कि एक तकनीकी फॉल्ट बताया जा रहा है।

Created On :   27 Jun 2026 10:50 AM IST

Tags

Next Story