Iran-US Tension: ईरान-अमेरिका के बीच नहीं होगी जंग? इन देशों ने टाला सैन्य टकराव का खतरा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कतर, सऊदी अरब और ओमान की सक्रिय कूटनीति के चलते अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव फिलहाल टल गया है। खाड़ी क्षेत्र के सूत्रों के अनुसार, इन तीनों देशों ने अंतिम समय में अमेरिकी नेतृत्व को यह समझाने की गंभीर कोशिश की कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर सकती है।
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टल गया युद्ध?
दरअसल, अमेरिका ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर सख्त रुख अपनाया था और सैन्य कदम उठाने के संकेत दिए थे। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दे दी थी। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि कतर स्थित अमेरिकी एयरबेस से कुछ सैन्य कर्मियों को अस्थायी रूप से हटाना पड़ा।
इसी बीच खाड़ी देशों ने मध्यस्थता करते हुए दोनों पक्षों से संपर्क साधा। इन देशों ने अमेरिका को भरोसा दिलाया कि ईरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ चरम कदम नहीं उठाएगा, जबकि ईरान को भी साफ संदेश दिया गया कि अगर उसने खाड़ी में हमला किया तो क्षेत्रीय रिश्तों को भारी नुकसान होगा।
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कूटनीतिक दबाव और संभावित क्षेत्रीय संकट को देखते हुए अमेरिकी नेतृत्व ने अपने रुख में नरमी दिखाई। सऊदी अधिकारियों का मानना है कि यह पहल एक बड़े और अनियंत्रित संघर्ष को रोकने के लिए जरूरी थी।
कश्मीरी छात्रों सहित हजारों भारतीयों की बढ़ी मुश्किलें
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में फिलहाल भारतीय मूल के दस से बारह हजार लोग रह रहे हैं। इनमें से अधिक लोग छात्र हैं। इनमें से भी 2,000-3,000 छात्र कश्मीर के हैं जो मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने छात्रों की सेफ्टी को खतरा बताते हुए चिंता व्यक्त की है। बार-बार नेट बंद किए जाने से छात्र अपने परिवार से ठीक तरह से बातचीत नहीं कर पा रहे हैं जो स्थिति को और गंभीर बना रहा है। इतना ही नहीं बल्कि ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है जो यातायात के लिए बाधक साबित हो रहा है।
Created On :   16 Jan 2026 11:05 AM IST













