Saudi Arab Tension: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऑयल प्लांट पर ड्रोन से हमले का किया दावा, दोनों में फिर बढ़ा तनाव

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऑयल प्लांट पर ड्रोन से हमले का किया दावा, दोनों में फिर बढ़ा तनाव
यमन के हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को दक्षिणी सऊदी अरब में स्थित अरामको रिफाइनरी ने तीसरी बार ड्रोन हमला करने की जिम्मेदारी ली है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर से हमला करने का दावा किया है। गुरुवार को समूह ने कहा है कि उसने दक्षिणी सऊदी अरब के जिजान इलाके में स्थित अरामको के तेल संयंत्र को ड्रोन से निशाना बनाया है। हूतियों के अनुसार, इस हमले में दो ड्रोन इस्तेमाल किए गए हैं और दोनों ने अपने निशाने पर हमला किया है। समूह की तरफ से कहा गया है कि यह कार्रवाई सऊदी अरब तरफ से यमन में की गई कार्रवाई के जवाब में हुई है। इस दावे के बाद ही इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ने की संभावना जताई गई है।

यमन पर क्यों किया गया हमला?

हूती समूह की समाचार एजेंसी ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा है कि यह हमला यमन के सादा और हज्जाह इलाकों में हुई कार्रवाई के जवाब में किया गया है। हूतियों ने कहा है कि यमन की जमीन और हवाई सीमा में किसी भी तरह की दखल का जवाब दिया जएगा। समूह ने साफ तौर पर कहा है कि उसके देश के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया तो वह चुप नहीं बैठेगा। हमले से हुए नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सऊदी अरब की तरफ से भी इस दावे पर तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

पहले भी ठिकानों को बनाया गया है निशाना

जिजान में तेल संयंत्र पर हमले का यह दावा पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले भी हूतियों ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। रविवार को समूह ने लाल सागर के पास भी मौजूद एक तेल प्लांट पर हमला करने का दावा किया था। हूतियों ने तब भी इसे यमन में की गई कार्रवाई का जवाब बताया था। वहीं, लगातार इन दावों के सामने आने से सऊदी अरब और हूतियों के बीच पुराना तनाव फिर से चर्चा में आ गया है।

युद्धविराम पर बढ़ी परेशानी

यमन में काफी लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिश होती रही है। लेकिन हाल ही में फिर से तनाव बढ़ने की संभावना देखी जा रही है। हूतियों की तरफ से सऊदी अरब के समुद्री रास्तों और तेल से जुड़े ठिकानों को लेकर भी धमकियां और हमले किए जाने की बातें सामने आई हैं। इससे लाल सागर में जहाजों की आवाजाही पर भी असर पड़ने का डर है।

Created On :   14 Aug 2026 2:25 PM IST

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