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रिलेशनशिप में हो गया हैं ब्रेकअप और करना चाहते हैं शादी तो, जरुर पढ़ें ये खबर 

रिलेशनशिप में हो गया हैं ब्रेकअप और करना चाहते हैं शादी तो, जरुर पढ़ें ये खबर 

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। हर किसी की जिंदगी में अच्छे और बुरे दिन जरुर आते है। हम शादी से पहले अपनी बैचलर लाइफ काफी एन्जॉय करते है। घूमने जाना, पार्टियां करना, शॉपिंग करना और भी बहुत कुछ। इस सब के बीच हमारा किसी रिश्तें में आ जाना कोई बड़ी बात नहीं हैं क्योंकि जिंदगी जीने के लिए किसी न किसी के साथ की जरुरत पड़ती है। ऐसे में जरुरी नहीं हैं कि, वो रिश्ता जिंदगी भर चले या हमारी उस पार्टनर के साथ शादी हो। ज्यादातर रिश्ते शादी से पहले ही दम तोड़ देते है। ऐसे में आप भी पूरी तरह से टूट जाते है। अगर आपका भी अपने पार्टनर के साथ ब्रेकअप हो गया हैं और आप मूवआन करते हुए शादी की प्लानिंग कर रहे हैं तो हम आपको देंगे कुछ खास टिप्स, जो आपकी शादी-शुदा जिंदगी को बनाएंगे खुशहाल

नए रिश्ते को अपनाएं
जब कभी दो लोगों के बीच रिश्ता बनता हैं,तो आपको तीसरे का ख्याल अपने मन से निकाल देना चाहिए यानि कि आपको नया रिश्ता कायम करने से पहले पुराने रिश्ते के बारे में सोचना बंद करना होगा। तभी आप अपने न्यू लाइफ पार्टनर के साथ खुशहाल जिंदगी जी पाएंगे। हालांकि, ये इतना आसान नहीं होगा लेकिन आपको कोशिश जरुर करनी चाहिए।

पुराने रिश्ते से सबक लें
नए रिश्तें में कभी भी पुरानी गलतियों को दोहराने से बचें। कोशिश यही करें कि, अपने पार्टनर की छोटी-मोटी गलतियां पर आराम से उसे समझाएं। जो बातें सामने वाले की आपको बुरी लगती हैं , उस बारें में एक-दूसरे को बैठकर समझाएं। दिल में बातों को छुपाने की बजाए अपने होने वाले पार्टनर से शेयर करें। 

अपने लिए टाइम निकालें
आप अपने ब्रेकअप के कुछ समय बाद ही शादी न करें। अक्सर देखा गया हैं कि, हम अपने परिवार के दबाव में आकर शादी कर लेते हैं। जो कि गलत हैं। आप तब तक शादी न करें जब तक पुराने रिश्ते की तकलीफ से बाहर न आ जाएं। क्योंकि अगर आपने दबाव में आकर बिना संभलें शादी कर ली तो शायद अपना नया रिश्ता भी खो दें।

नए पार्टनर से करें दोस्ती
पुराने रिश्ते से बाहर निकलकर आप कोशिश करें कि, अपने नए पार्टनर से दोस्ती करें, उसे समझे, अपने आप को समझने का मौका दें। दोस्ती से शुरूआत हुए रिश्ते एक खुशनुमा माहौल में पनपते हैं और एक दूसरे को ठीक से समझने का मौका देते हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।