आज भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक दिन: लोकसभा में इन तीन बिलों पर चलेगी लंबी बहस, 2029 तक राजनीति में महिलाओं को मिल सकती है ऊंची उड़ान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 16 अप्रैल, 2026 की तारीख दर्ज होने वाली है। इस दिन संसद का विशेष सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने वाले है। इनका प्रमुख उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को पूरी तरह से ऑपरेशनलाइज करना है। केंद्र सरकार के इस कदम से देश की महिलाओं को राजनीतिक में नई उड़ान मिलने वाली है। इसके साथ ही लोकसभा की विधायी ढांचे में बदलाव भी होगा।
भारत सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में पेश के लिए तीन बिलों की लिस्ट जारी की है। जिसका उद्धेश्य 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून लागू करना है और साथ ही लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर 850 तक करना है।
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केंद्र सरकार के तीन बिल
पहला बिल- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026... दूसरा बिल- परिसीमन विधेयक, 2026 और तीसरा बिला- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन), 2026 है। इन तीनों बिलों को आज (गुरुवार) को लोकसभा में पेश किया जाएगा और इन्हे पारित करने से पहले इन तीनों पर लंबी चर्चा होने वाली है। जिसके लिए सरकार ने 18 घंटे तय किए हैं। इस दौरान तीनों पर बहस होगी। इस दौरान विपक्ष भारी हंगामा भी कर सकता है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पहले दो बिल पेश करने वाले है। वहीं, तीसरा बिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे। ये बिल जब लोकसभा से पास हो जाएंगे तो इन्हें राज्यसभा में चर्चा के लिए भेज दिया जाएगा।
इन तीनों बिल के पास होने पर क्या होगा?
पहला बिल संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 जब दोनों सदनों से पास हो जाएगा तो लोकसभा की मौजूदा 543 सीटे बढ़कर अधिकतम 850 तक करने का प्रावधान है। इसमें 815 सीटें राज्यों के लिए है, जबकि 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सुरक्षित है।
दूसरा बिला परिसीमन विधेयक, 2026 है जो 2011 की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की नई सीमाएं तय करने के लिए है।
तीसरा बिल दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों (जहां पर विधानसभा है) में महिला आरक्षण लागू करने के लिए है।
इन तीनों विधेयक मिलकर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू करना है। महिला आरक्षण कानून साल 2023 में ही पारित हो चुका था, लेकिन इसको अमल में लाने के लिए जनगणना और परिसीमन पर आधारित थी। अब इस विशेष सत्र में इन तीनों बिलों को पारित करके राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ जाएगी। अगर यह ये बिल लागू हो जाते है तो 2029 के चुनाव इसी आधार पर होंगे और लोकसभा में 270 से ज्यादा महिलाओं की सीट होगी।
Created On :   16 April 2026 1:30 AM IST













