Swami Avimukteshwaranand News: क्या मठ के अंदर मौजूद हैं सीक्रेट रूम और स्वीमिंग पूल? यौन शोषण मामले के बीच चौंकाने वाले दावे पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तोड़ी चुप्पी

क्या मठ के अंदर मौजूद हैं सीक्रेट रूम और स्वीमिंग पूल? यौन शोषण मामले के बीच चौंकाने वाले दावे पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तोड़ी चुप्पी
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मठ में 'सीक्रेट कमरों' को लेकर बड़ा दावा किया गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मठ में 'सीक्रेट कमरों' को लेकर बड़ा दावा किया गया है। मठ में रहने वाली एक लेखिका का दावा है कि मठ के कुछ कमरों में किसी को जाने की अनुमति नहीं है। इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि मठ के अंदर विद्यालय भी चलता है। हम अगर शूट करने की इजाजत दे देंगे तो रेकी हो जाएगी और फिर सुरक्षा पर खतरा हो सकता है। बिना कैमरे के कोई भी आना चाहे देखना चाहे तो खुला है। हमारे मठ के किसी कमरे में कोई ताला नहीं लगता है।

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लेखिका भूमिका द्विवेदी ने मठ को लेकर किए चौंकाने वाले दावे

  1. मठ में कुछ सीक्रेट कमरे हैं
  2. मठ में शंकराचार्य की एक सखी हैं, उसके साथ सोते हैं
  3. मठ में कई जगहों पर जाने की मनाही है
  4. आश्रम में बच्चों को अभिभावकों से बात करने की इजाजत नहीं
  5. आश्रम का माहौल पवित्र नहीं, सब ऐश में रहते हैं

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इलाहबाद हाईकोर्ट में कल होगी अग्रिम याचिका पर सुनवाई

शंकराचार्य ने कहा कि जहां तक स्वीमिंग पूल की बात है, वो हमारे गुरूजी के व्यायाम के लिए बनाया गया था। उनके स्वास्थ्य की दृष्टि से बनाया गया था, यह व्यवस्था अब बंद पड़ी हुई है। शंकराचार्य ने कहा, "हमारा छोटा सा मठ है। उसमें 150 से 200 लोग कैसे रहते हैं यह हम ही लोग जानते हैं। यहां कोई भी गुप्त स्थान, शीश महल या स्विमिंग पूल नहीं है। जब हमारे गुरु जी यहां रहते थे तब उनको डॉक्टर ने व्यायाम करने के लिए कहा था, तब उनके लिए व्यवस्था बनाई गई थी और यह व्यवस्था अब बंद पड़ी हुई है।"

इतना ही नहीं, बल्कि शंकराचार्य ने मठ और उसके कमरों को लेकर हो रहे दावों पर भी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि इसे झूठी कहानी बनाकर फैलाया जा रहा है। जो कहानी है, वो सब झूठी है। हम स्वयं मठ हैं, चलते फिरते मठ हैं। हम एक संस्था हैं और संस्था को संरक्षित करने के लिए एक वर्ग होता है।

वहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "कई कहानियां आ चुकी हैं।जेल में ले जाकर गलत किया जाता है। जहर की सुई लगा दी जाती है। जेल में सुरक्षा के लिए और सबकी भावनाओं को देखते हुए एंटी सिपेटरी बेल के लिए स्वीकृति दी।"

Created On :   26 Feb 2026 7:43 PM IST

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