Pakistan Temple News: पाकिस्तान में करीब 100 साल पुराने मंदिर तोड़े जाने पर विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

पाकिस्तान में करीब 100 साल पुराने मंदिर तोड़े जाने पर विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
पाकिस्तान में बने करीब 100 साल पुराने मंदिर को तोड़ दिया गया है। इस मामले में भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान में बने करीब 100 साल पुराने मंदिर को तोड़ दिया गया है। इस मामले में भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और बताया कि इस घटना से यह देखने को मिलता है कि पाकिस्तान किस प्रकार अल्पसंख्यकों पर बर्बरता कर रहा है। इस मामले में मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मांग करते हुए कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

पाकिस्तानी अधिकारियों को लेकर दी प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "पाकिस्तान के नारोवाल जिले के सिराज गांव में एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर के विध्वंस की भयावह खबरों से हम बेहद चिंतित हैं। हम एक सदी पुराने अल्पसंख्यक पूजा स्थल के खिलाफ बर्बरता के इस निंदनीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं।" उनका कहना है कि पड़ोसी देश के अधिकारियों की उदासीनता के कारण वे इस पुराने मंदिर की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं, जो चिंताजनक है।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर की कड़ी टिप्पणी

रणधीर जायसवाल ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कहा, "इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग कितने असुरक्षित हैं और उनके धर्म की आजादी और उनके पूजा-स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।" जायसवाल ने पाकिस्तान सरकार से इस घटना की जल्द से जल्द पारदर्शी जांच कराने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की। साथ ही कहा कि टूटे हुए मंदिर को दोबारा ठीक कराया जाए और देश में रहने वाले सभी अल्पसंख्यक लोगों की सुरक्षा और उनके धार्मिक स्थलों की रक्षा करने की जिम्मेदारी सरकार निभाए।

मंदिर ढहाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

पाकिस्तान में जिस मंदिर को गिराया गया है, वह करीब 100 से 125 साल पुराना बताया जा रहा है, जो लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के सिराज गांव में स्थित था। इसे गिराने के बाद स्थानीय लोगों, अल्पसंख्यक संगठनों और एक राजनीतिक दल ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने मंदिर को इसलिए गिराया कि उसके पास बने मदरसे को मिलाने के लिए यह काम किया गया है। वहीं, सरकार ने दावा करते हुए कहा कि यह मंदिर बारिश की वजह से अपने आप गिर गया है। पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी ने पंजाब सरकार से मंदिर को गिराने में शामिल लोगों पर कार्रवाई और उसके पुनर्निर्माण की मांग की है।

Created On :   2 Sept 2026 11:41 PM IST

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